प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं के हिट होने के पीछे इस शख्स का हाथ है। जहां एक ओर इनके पिता अजीत डोभाल देश की सुरक्षा में लीन हैं तो वहीं जूनियर डोभाल विदेश में पीएम मोदी की प्रभावशाली छाप छोड़ रहे हैं।
PM मोदी के हर कामयाब विदेश दौरे के पीछे है ये युवा बैंकर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल केंद्र में मोदी सरकार में एक प्रभावशाली शख्स के रूप में उभरे हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं के कार्यक्रम बनाने वाली टीम में शामिल हैं और उनके थिंक टैंक इंडिया फाउंडेशन की राय को सरकार बहुत तवज्जो देती है। शौर्य ने दिल्ली के पावर कॉरिडोर में आज अपनी मजबूत जगह बना ली है।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और शिकागो यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद शौर्य (40) जीई कैपिटल और मॉर्गन स्टैनली के लिए इनवेस्टमेंट बैंकर रहे हैं। वह इनवेस्टमेंट फंड जियस कैप्स की इंडिया यूनिट के हेड हैं।
पांच साल पहले बनाया गया इंडिया फाउंडेशन खुद को 'स्वतंत्र शोध केंद्र' बताता है। इसका मौजूदा ऑफिस नई दिल्ली के लकदक हेली रोड इलाके में है।
कंपनी एवं वाणिज्य मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, रेल मंत्री सुरेश प्रभु और वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा के साथ शौर्य भी इस फाउंडेशन के डायरेक्टर हैं। बीजेपी महासचिव राम माधव और बीजेपी प्रवक्ता एम जे अकबर भी इसके निदेशक हैं। माधव और जूनियर डोभाल ने मिलकर इंडिया फाउंडेशन को शुरू किया था।