प्रदेश के चार जिलों में एड्स रोगियों की संख्या बढ़ गई है। अक्तूबर तक हुई जांच में यहां पिछले साल की तुलना में ज्यादा मरीज सामने आए हैं।
उत्तराखंड के इन जिलों में बढ़ी एड्स रोगियों की संख्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चमोली जिले में रोगियों की संख्या में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। यहां पिछले साल के मुकाबले सात गुना ज्यादा मरीजों की पुष्टि हुई है, जो 2011 से अब तक सबसे ज्यादा है। इसके अलावा चंपावत, हरिद्वार और टिहरी में भी मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।
स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (साको) से मिली जानकारी के अनुसार चमोली में इस वर्ष (अप्रैल से अक्तूबर तक) 21 रोगियों में एड्स की पुष्टि हुई है, जबकि जिले में पिछले पूरे साल में केवल तीन ही रोगी मिले थे। इससे पहले 2011-12 में जिले में सबसे ज्यादा 17 रोगी मिले थे।
इस वर्ष अप्रैल से अक्तूबर तक चंपावत में 10, हरिद्वार में 76 और टिहरी गढ़वाल में आठ रोगियों में एड्स मिला है। जबकि 2015-16 में चंपावत में नौ, हरिद्वार में 75 और टिहरी गढ़वाल में पांच रोगियों में एड्स की पुष्टि हुई थी।
सबसे ज्यादा 207 मरीज राजधानी देहरादून में मिले हैं। पिछले वर्ष यहां कुल 306 मरीजों में एचआईवी की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा अल्मोड़ा में आठ, बागेश्वर में चार, नैनीताल में 80, पौड़ी गढ़वाल में 11, पिथौरागढ़ में 16, रुद्रप्रयाग में दो, ऊधमसिंह नगर में 48 और उत्तरकाशी में पांच रोगियों में एचआईवी पॉजिटिव मिला है। प्रदेश में अक्तूबर तक कुल 499 रोगियों में एड्स पाया गया, जबकि पिछले वर्ष कुल 729 रोगी इससे ग्रसित थे।