उत्तराखंड के विकास की बात करने वाले सीएम हरीश रावत विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मिलने वाली विधायक निधि खर्च करने में सबसे फिसड्डी हैं।
इस मामले में उत्तराखंड के सीएम रावत रह गए फिसड्डी
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70 विधायकों वाली विधानसभा में सबसे कम निधि का खर्च धारचूला में हुआ है, जो सीएम का विधानसभा क्षेत्र है। हालांकि उनकी 11 मंत्रियों की कैबिनेट में पर्यटन मंत्री दिनेश धनै को छोड़ सभी का बेहतर प्रदर्शन रहा है।
सरकार ने जिन विधायकों को संसदीय सचिव का दर्जा दिया उन्होंने भी क्षेत्र में जन विकास कार्यों में निधि का काफी हद तक इस्तेमाल किया है। अब कुछ माह ही शेष हैं, ऐसे में निधि को पूरा खर्च कर पाना आसान नहीं है।
सीएम हरीश रावत ने वर्ष 2014-15 से अपनी विधायक निधि का मात्र 43 प्रतिशत खर्च किया है। यह प्रदर्शन 70 विधायकों में सबसे कम हैं। उन्हें बतौर विधायक इस अवधि में 8.25 करोड़ रु की निधि मिली, जिसमें 3.55 करोड़ व्यय हो पाए। उनके मंत्रियों में सबसे खराब स्थिति टिहरी विधायक और पर्यटन मंत्री दिनेश धनै की है।
जिन्होंने अब तक मिली 13.25 करोड़ रु की निधि से 7.87 करोड़ रु का व्यय किया है। चार मंत्रियों प्रीतम सिंह पंवार, दिनेश अग्रवाल, हरीश चंद्र दुर्गापाल और मंत्री प्रसाद नैथानी ने 80 प्रतिशत से अधिक निधि का खर्च कर दिया है। अन्य 6 मंत्रियों की औसत भी 70 प्रतिशत से अधिक है।