आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मदिन है। हम आपको बता रहे हैं ऐसी जगह के बारे में जिस जगह को चाचा कलाम अपना घर मानते थे। वे जब भी यहां आते थे तो ये एक काम जरूर करते थे।
देहरादून के डील में 80 के दशक में कलाम की ओर से रोपा गया एक पौधा अब पेड़ बन चुका है। वे अक्सर दून के डील में आते रहते थे। वे कहते थे डील मेरा घर है, यहां आकर मुझे अपनेपन का अहसास होता है। यहां से मिलने वाला प्यार मुझे जीवनभर याद रहेगा। हालांकि, डील आते-जाते वक्त रायपुर की सड़क की बदहाली उन्हें बेहद सालती थी।
यही वजह थी कि एक बार उन्होंने ये कह ही दिया कि दून में सब कुछ अच्छा है, रायपुर रोड को छोड़कर। पूर्व राष्ट्रपति के दुनियां से जाने की खबर सुनकर दून के बाशिंदे बेहद आहत हैं। डील से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक एसके शर्मा ने बताया कि जब कलाम राष्ट्रपति बने तो सब बेहद खुश हुए।
बताया कि कलाम जब भी आते तो बड़े अधिकारियों की जगह छोटे कर्मचारियों से सीधे बात करना पसंद करते थे। वे कहते थे डील मेरा घर है, यहां आकर मुझे अपनेपन का अहसास होता है। यहां से मिलने वाला प्यार मुझे जीवनभर याद रहेगा।
बताया कि दून में कई ऐसे वैज्ञानिक हैं, जिन्हें कलाम के साथ काम करने का मौका भी मिला। जब कलाम इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन) में थे तब भी उन्होंने यहां एक सेमीनार में हिस्सा लिया था।