वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को 'चोकर्स' कहा जाता है। इसके पीछे का प्रमुख कारण यह है कि कई मौकों पर यह टीम वर्ल्ड कप खिताब पाने की दहलीज पर पहुंचते ही हार जाती है। हम आपको अब तक हुए वर्ल्ड कप के सभी टूर्नामेंटों में घटी विवादस्पद घटनाओं को बारे में बता रहे हैं। ये घटनाएं अभी तक विवादास्पद बनी हुई है।
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कैच छूटा-मैच छूटा
1999 के वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के आक्रामक और सलामी बल्लेबाज हर्शल गिब्स ने स्टीव वॉ का एक आसान कैच हाथ में लेकर तेजी से उछालने के क्रम में छोड़ दिया और वह भी ऐसे समय में जबकि ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप के सुपर सिक्स से बाहर होने वाली थी।
उसी समय ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ ने गिब्स से कहा था, 'दोस्त तुमने तो कैच नहीं वर्ल्ड कप गिरा दिया।' विवाद यह नहीं था कि वह कैच कैसे गिरा बल्कि बात यह सामने आई कि शेन वार्न ने पहले ही कह रखा था कि गिब्स कैच गिराएगा और वैसा ही हुआ।
बाद में शेन वार्न ने कहा कि वह उनकी बहुत जल्दी खुशी मनाने की प्रवृति से वाकिफ थे और उसी की बुनियाद पर उन्होंने यह बात कही थी। मगर आज तक यह विवाद खत्म नहीं हो सका कि गिब्स ने जान-बूझकर कैच छोड़ा था या नहीं।
जब क्लाइव लॉयड ने कैच छोड़ा
कहा जाता है कि मैच जीतना है तो कैच पकड़ो और छोड़ दिया तो समझ लो कि मैच हाथ से निकल गया, लेकिन दूसरे वर्ल्ड कप में फ़ाइनल में कुछ अलग ही बात हुई। वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड ने मैच जीतने के लिए कैच छोड़ा।
वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड के सामने 293 रनों का लक्ष्य रखा था। इंग्लैंड ने जवाब में धीमी शुरुआत की और इंग्लिश खिलाड़ी बॉयकॉट ने दोहरे अंक तक पहुंचने के लिए 17 ओवर ले लिए। एक बार वह रिचर्ड्स की गेंद को मारने के लिए बाहर निकले तो ग़लत शॉट खेल गए और कप्तान लॉयड ने उस आसान से कैच को छोड़ दिया।
उससे पहले, दूसरी तरफ खेल रहे ब्रियरली का कैच भी वह छोड़ चुके थे। रिचर्ड्स को लॉयड ने जब बताया कि उन्होंने जान-बूझकर कैच छोड़ा था तब जाकर उन्हें चैन मिला।
अंपायरिंग का कसूर
यह पहले वर्ल्ड कप की बात है। मैच था पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच, पाकिस्तान ने सात विकेट के नुक़सान पर 266 रन बनाए थे। जब वेस्टइंडीज की पारी शुरू हुई तो पाक गेंदबाज सरफराज नवाज की तूफ़ानी गेंदबाजी के सामने वेस्टइंडीज का कोई खिलाड़ी जमकर नहीं खेल पा रहा था।
166 रन पर वेस्टइंडीज का आठवां विकेट गिर चुका था। वेस्टइंडीज लगभग मैच हार चुकी थी। अपील पर अपील जारी थी कि 203 पर नौवां विकेट गिर गया और होल्डर का विकेट भी सरफराज ने लिया। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए डेरेक मरे सिर्फ टिके हुए थे और उनका साथ दे रहे थे एंडी रॉबर्ट्स। दोंनों ने मिलकर आखिरी विकेट के लिए 64 रनों की नाबाद पारी खेली। इस प्रकार पाकिस्तान सेमीफाइनल में प्रवेश करने से रह गया और वेस्टइंडीज ने आगे चलकर वर्ल्ड कप में खिताबी जीत हासिल की।
एक गेंद और 22 रन
1992 के वर्ल्ड कप में पहली बार दक्षिण अफ्रीका की टीम प्रतिबंध के बाद खेलने उतरी थी। दक्षिण अफ्रीका ने धमाकेदार खेल दिखाया और सेमीफ़ाइनल में प्रवेश किया। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के मौसम और क्रिकेट के डकवर्थ लुईस नियम ने दक्षिण अफ्रीका को जो नुक़सान पहुंचाया, उसे क्रिकेट प्रेमी आज तक भूल नहीं पाए हैं।
मैच था इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका का। खेल 10 मिनट की देर से शुरू हुआ और लंच में से यह समय काट लिया गया लेकिन कोई ओवर नहीं काटा गया। इंग्लैंड ने बारिश के कारण घटा दिए गए 45 ओवरों में 252 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका ने 42.5 ओवरों में छह विकेट के नुक़सान पर 231 रन बना लिए थे, लेकिन तभी बारिश आ गई। लेकिन फिर डकवर्थ लुईस नियम लागू हुआ और जब दोबारा खेल शुरू हुआ तो दक्षिण अफ्रीका को एक गेंद पर 21 रन बनाने थे। स्कोर बोर्ड पर जब यह लिखा आया तो पता चला कि दक्षिण अफ्रीका तो मैच हार चुका है, बस औपचारिकता बची है।