रविवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीचे खेले गए विश्व कप के मुकाबले में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 36 रन से पटखनी दी। इसके साथ ही भारत ने वर्ल्ड कप में लगातार अपनी दूसरी जीत दर्ज की, बल्कि लगातार 10 वनडे मुकाबले जीतकर आने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के विजय रथ को भी रोक दिया।
इन पांच जांबाजों ने रोका ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ, लिया पिछली हार का बदला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिखर धवन
टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया को किसी ने बड़े स्कोर की पटरी पर चढ़ाया, तो वह बल्लेबाज शिखर धवन हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज धवन ने 109 गेंदों पर 117 रनों की धुआंधार पारी खेली, जिसमें 16 चौके शामिल थे। ये धवन के वनडे करियर का 17वां शतक रहा।
विराट कोहली
रोहित शर्मा ने भी 57 रनों की अहम पारी खेली, लेकिन रोहित के आउट होने के बाद नंबर तीन पर आए कप्तान कोहली ने धवन का बेहतरीन साथ दिया। धवन और कोहली के बीच शानदार 93 रन की साझेदारी हुई। कोहली ने 77 गेंदों में 82 रनों की जबरदस्त पारी खेली, जिसमें 2 छक्के और 4 चौके शामिल थे। विराट की पारी ने ही टीम इंडिया को एक मजबूत स्कोर की ओर तेजी से बढ़ाया।
हार्दिक पांड्या
धवन के पवेलियन लौटने के बाद मैदान पर आए हार्दिक पांड्या ने अपने बल्ले से कहर बरपा दिया। केएल राहुल की जगह हार्दिक को प्रमोट करने का मकसद साफ था, कि वो जाकर धुआंधार बल्लेबाजी करें। हार्दिक ने भी निराश नहीं किया और 27 गेंदों में 3 छक्के और 4 चौके जड़ते हुए 48 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेल डाली। उनकी पारी ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की लय बिगाड़कर रख दी।
भुवनेश्वर कुमार
मैच से पहले कहा जा रहा था कि भुवनेश्वर की जगह मोहम्मद शमी को टीम लेना चाहिए, लेकिन भुवनेश्वर ने सबकी बोलती बंद कर दी। भुवनेश्वर ने 3 विकेट झटके, सबसे अहम बात ये रही कि उन्होंने नाजुक समय पर जब स्टीव स्मिथ को चलता किया, जब वह ऑस्ट्रेलिया की पारी को आगे बढ़ा रहे थे। स्मिथ ने 69 रन बनाए और यहीं से मैच पूरी तरह से भारत के पक्ष में आता दिखने लगा। इसके अलावा उन्होंने मार्कस स्टोइनिस और एडम जम्पा को भी पवेलियन का रास्ता दिखाया। भुवनेश्वर ने 10 ओवर में 50 रन देकर तीन विकेट चटकाए।