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जब सुनील गावस्कर बने 'विलेन', भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार
सुरेंद्र कुमार वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Jun 2016 06:15 PM IST
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सुनील गावस्कर
- फोटो : Getty
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सुनील गावस्कर क्रिकेट वर्ल्ड के सबसे बड़े बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं, लेकिन वह एक बार अपनी टीम की सबसे बड़ी हार के विलेन ही बन गए थे। शुरू में उन्होंने इसे नहीं माना लेकिन बाद में स्वीकार किया कि उन्होंने अपने करियर में सबसे बेकार पारी खेली थी।
जब सुनील गावस्कर बने 'विलेन', भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार
शॉट खेलते सुनील गावस्कर (1975 वर्ल्ड कप की फोटो)
- फोटो : Getty
लॉर्ड्स के मैदान पर इस ऐतिहासिक शुरुआत में इंग्लैंड ने आज की तरह का खेल दिखाया और तब 60 ओवर (उस समय 60-60 ओवर्स के वनडे मैच होते थे) में 4 विकेट पर 334 रन बना लिए थे। इस तरह से भारत को जीत के लिए 335 रनों का विशाल सा लक्ष्य मिला जिसके लिए बेजोड़ शुरुआत की दरकार भी थी।
भारतीय पारी की शुरुआत करने आए सुनील गावस्कर और एकनाथ सोलकर। लेकिन गावस्कर ने बेहद धीमी अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की, उनकी यह बल्लेबाजी इस कदर स्लो थी कि स्टेडियम में बैठे भारतीय टीम के समर्थक भी गुस्से में आ गए थे। हालांकि इस बात का लिटिल मास्टर पर कोई फर्क पड़ता नहीं दिखा और वह कचुए की चाल में बल्लेबाजी करते रहे।
भारतीय पारी के 60 ओवर फेंके जाने के बाद भी टीम के खाते में 132 रन ही जुटे और इस दौरान सिर्फ 3 विकेट ही गिरे। 335 रनों के बड़े लक्ष्य के जवाब में भारत यह मैच 202 रनों से हार गया। इस मैच में गावस्कर ने 174 गेंदों में 36 रन बनाए और अंत तक नाबाद रहे।
भारतीय पारी की शुरुआत करने आए सुनील गावस्कर और एकनाथ सोलकर। लेकिन गावस्कर ने बेहद धीमी अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की, उनकी यह बल्लेबाजी इस कदर स्लो थी कि स्टेडियम में बैठे भारतीय टीम के समर्थक भी गुस्से में आ गए थे। हालांकि इस बात का लिटिल मास्टर पर कोई फर्क पड़ता नहीं दिखा और वह कचुए की चाल में बल्लेबाजी करते रहे।
भारतीय पारी के 60 ओवर फेंके जाने के बाद भी टीम के खाते में 132 रन ही जुटे और इस दौरान सिर्फ 3 विकेट ही गिरे। 335 रनों के बड़े लक्ष्य के जवाब में भारत यह मैच 202 रनों से हार गया। इस मैच में गावस्कर ने 174 गेंदों में 36 रन बनाए और अंत तक नाबाद रहे।
जब सुनील गावस्कर बने 'विलेन', भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार
सुनील गावस्कर
- फोटो : Getty
वनडे क्रिकेट में 202 रनों की यह हार उस समय की सबसे बड़ी हार थी जो 1984-85 तक कायम रही। हार के दिन गावस्कर की घटिया पारी का बचाव करने वाले टीम इंडिया के तत्कालीन मैनेजर जीएस रामचंद्रन ने 2 दिन बाद उनकी पारी को स्वार्थपूर्ण पारी करार दिया। उन्होंने बताया था कि गावस्कर ने उनसे कहा था कि पिच बहुत धीमी थी और शॉट खेलने में दिक्कत आ रही थी लेकिन यह बचकाना बचाव था क्योंकि इसी पिच पर पहले बल्लेबाजी करने वाले इंग्लैंड ने 334 रन बनाए थे।
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जब सुनील गावस्कर बने 'विलेन', भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार
सुनील गावस्कर (फाइल फोटो)
- फोटो : Getty
हालांकि सुनील गावस्कर की इस खराब पारी के पीछे यह भी खबर आई कि वह टीम चयन से खासे नाराज थे, खासतौर से तेज गेंदबाजों की जगह फिरकी गेंदबाजों को तवज्जो नहीं दिए जाने से जिन्होंने पिछले सत्र में शानदार गेंदबाजी की थी।
कुछ का कहना था कि वह श्रीनिवास वेंकटराघवन को कप्तान बनाए जाने से भी नाराज थे।
कुछ का कहना था कि वह श्रीनिवास वेंकटराघवन को कप्तान बनाए जाने से भी नाराज थे।
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जब सुनील गावस्कर बने 'विलेन', भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार
प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देते सुनील गावस्कर (1982 की तस्वीर)
- फोटो : Getty
वहीं सुनील गावस्कर जिन्होंने उस समय अपनी इस पारी के बारे में कुछ नहीं कहा था लेकिन वर्षों बाद उन्होंने स्वीकार किया था कि यह उनके जीवन की बेहद खराब पारी थी। साथ ही यह दावा किया कि वह उस समय आउट ऑफ फॉर्म भी थे।