भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि आर अश्विन कूल्हे की चोट से उबर गए हैं और इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में खेलने के लिए फिट हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि वह गुरुवार को प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं करेंगे। बता दें कि कप्तान विराट कोहली पिछले 38 टेस्ट में वह प्रत्येक टीम में बदलाव करते रहे हैं। भारत ने पिछले 45 टेस्ट में अपनी टीम में बदलाव किए जिससे कोहली की अगुवाई वाले 38 टेस्ट मैच भी शामिल हैं।
ENGvIND: प्लेइंग इलेवन में नहीं होगा कोई बदलाव, चौथे टेस्ट से पहले कोहली ने दिए संकेत
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कोहली ने पत्रकारों से कहा, 'कल खेलने के लिए हर कोई फिट है। अश्विन भी अच्छी तरह उबर चुके हैं। उन्होंने कल अभ्यास सत्र में अच्छा अभ्यास किया। वह खेलने के लिए फिट है। हमेशा लगातार बदलाव नहीं किए गए। इस दौरान कुछ चोटें भी होती थीं जिनके बारे में बात नहीं की गई। यह दोनों का मिश्रण रहता था। अब परिस्थितियों को देखते हुए हमें कुछ भी बदलने की जरूरत महसूस नहीं हो रही।'
भारतीय टीम 0-2 से पिछड़ने के बाद नाटिघंम में तीसरे टेस्ट में 203 रन की जीत से पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वापसी करने में सफल रही। कोहली ने अपनी टीम से कड़ी मेहनत जारी रखते हुए इसी लय को चौथे टेस्ट में बनाए रखने की बात कही। भारत के 2014 इंग्लैंड दौरे को याद करते हुए कोहली ने कहा, 'हमारे पास शायद शुरू में मिली बढ़त (लार्ड्स पर 1-0 की जीत के बाद) का फायदा उठाने का अनुभव नहीं था। चार साल बाद मुझे यही लगता है।'
उन्होंने कहा, 'इस समय हम समझते हैं कि हम बहुत ही अच्छी स्थिति में हैं क्योंकि हमने सीरीज में सही समय पर लय हासिल की। 0-2 से पिछड़ने के बाद ऐसा खेल दिखाना शानदार है क्योंकि हर किसी ने सोचा होगा कि हमारे खिलाफ क्लीन स्वीप होगा या हमें रौंद दिया जायेगा।' इस मैदान पर तीसरे टेस्ट की मेजबानी होगी और इंग्लैंड ने यहां भारत के खिलाफ 2014 में 266 रन से जीत दर्ज की थी। कोहली ने अपनी टीम से इस जीत की लय को जारी रखकर इसका फायदा उठाने की बात कही।
विराट ने कहा, 'क्रिकेटर के तौर पर हम समझ जाते हैं कि कब टेस्ट मैच आपकी पकड़ से दूर जा रहा होता है और हम इसे महसूस करने के बारे में भी बात करते हैं ताकि सुनिश्चित कर सकें कि हम उन अहम क्षणों का फायदा उठायें जैसा हमने नॉटिंघम में किया था, लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि हमें अपने लक्ष्य (सीरीज जीतना) को हासिल करने के लिये हमें दोगुना ज्यादा बेहतर करना होगा। हमें सिर्फ एक जीत से संतुष्ट नहीं होना होगा क्योंकि अगर नॉटिघंम में जीत कड़ी मेहनत का नतीजा थी तो यह और भी ज्यादा कड़ा होगा। इंग्लैंड की टीम भी मजबूती से वापसी करना चाहेगी। हम समझते हैं कि हमें नॉटिघंम से ज्यादा बेहतर करना होगा ताकि हम नतीजा अपने हिसाब से हासिल कर सकें।'