मुंबई के तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे ने इंडियन प्रीमियर लीग को तवज्जों नहीं देकर क्रिकेट फैंस की आंखें अपनी ओर आकर्षित की है। रेलवेज के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के मैच में पहली पारी में छह विकेट लेने वाले मुंबई के तेज गेंदबाज को किंग्स इलेवन पंजाब ने शुक्रवार व शनिवार को ट्रायल के लिए मोहाली बुलाया था।
23 वर्षीय तेज गेंदबाज ने लाइफटाइम मौके को छोड़ने का फैसला किया और अपने क्लब पार्सी जिमखाना के लिए पुरुषोत्तम शील्ड के दूसरे राउंड का मैच खेलना ठीक समझा। पार्सी जिमखाना का मुकाबला ट्रायल्स के समय सीसीआई के साथ था।
देशपांडे ने बोल्ड फैसला लेने के बाद कहा, 'मैंने कभी आईपीएल टीम के लिए ट्रायल्स नहीं दिए। इससे पहले मुंबई इंडियंस, दिल्ली डेयरडेविल्स और राजस्थान रॉयल्स ने भी मुझे ट्रायल्स के लिए आमंत्रित किया था। मेरा मानना है कि अगर मैच में अपना सौ प्रतिशत दूंगा तो ट्रायल्स देने की जरूरत ही क्या? ट्रायल्स देने पर मुझे क्या फायदा मिलेगा। अगर मैं मैच में अच्छी गेंदबाजी करूंगा तो निश्चित ही कोई फ्रेंचाइजी मेरा चयन करेगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने अन्य खिलाड़ियों से सुना है कि करीब 60-70 खिलाड़ी ट्रायल्स देने के लिए आते हैं और आपको एक ओवर बड़ी मुश्किल से गेंदबाजी का मौका मिलता है या फिर एक या दो गेंद के बाद ही आपको हटा दिया जाता है। वहां कोई दबाव भी नहीं होता। इसलिए वहां ट्रायल्स देने का कोई मतलब ही नहीं।'
देशपांडे ने कहा, 'इसलिए मुझे लगा कि मोहाली जाकर दो या चार ओवर की गेंदबाजी करने से ज्यादा बेहतर है आधिकारिक मैच खेलना।' आईपीएल के ट्रायल इस समय देने से तुषार को लगता है कि उनकी लय पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'सीजन की अभी शुरुआत हुई है और हमने अपना पहला रणजी मैच खेला है। अभी सात मैच और खेलना है। मुझे लगता है कि मेरे लिए फिलहाल रणजी ट्रॉफी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।'