कल टीम इंडिया ने इंग्लैंड को पहले वनडे में 3 विकेट से मात दी। इंग्लैंड की टीम 350 रन बनाने के बाद भी मैच हार गई। यह पहली बार नहीं कि भारत ने 350 से अधिक के लक्ष्य का पीछा सफलतापूर्वक किया हो। भारत समेत दुनिया की सभी प्रमुख टीमों ने 340-350 के पहाड़नुमा स्कोर को बौना साबित किया है। मगर जरूरी नहीं कि यह इनते रन बनाने के बाद जीत ही जाए।
जब टीम को 350 रन बनाने के बाद भी नसीब नहीं हुई जीत!
ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 434 रन बनाए थे, दुनिया ने कंगारुओं को जीता हुआ समझ लिया था, मगर दक्षिण अफ्रीका के जीवट ने मैच का रुख ही बदल दिया और मैच जीत लिया। हालांकि कई बार ऐसा हुआ कि दूसरी पारी में टीम 350 से अधिक का आंकड़ा पार करने के बाद भी जीत दूर रह गई। जानिए वो 5 मौके जब लक्ष्य का पीछा करते हुए रन तो खूब बने, पर जीत नसीब न हुई:
जब टीम को 350 रन बनाने के बाद भी नसीब नहीं हुई जीत!
इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड (नेपियर, 2008)
फरवरी 2008 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की बीच सीरीज के चौथे वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी करन उतरा। इंग्लैंड के लिए चोटी के पांच में 4 बल्लेबाजों अर्धशतक जड़े और टीम का स्कोर 340 तक ले गए। जवाब न्यूजीलैंक के लिए जेमी हाउ ने शानदार शतक ठोका, मगर 50 ओवर मुकम्मल होने तक टीम 340 रन ही बना सकी और मैच टाई हो गया।
जब टीम को 350 रन बनाने के बाद भी नसीब नहीं हुई जीत!
भारत बनाम पाकिस्तान (कराची, 2004)
भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच पर पूरी दुनिया टकटकी लगाए रहती है। ऐसा ही मार्च 2004 में हुआ जब भारत के पाकिस्तान दौरे के पहले वनडे में टीम इंडिया ने बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 349 रन टांग दिए। द्रविड़ (99) शतक से तो चूक गए, मगर टीम के लिए बड़े स्कोर की नींव रख गए। जवाब में पाकिस्तान के लिए कप्तान इंजमाम उल हक ने शतक भी लगाया, मगर टीम को जीत न दिला सके। पाकिस्तान टीम निर्धारित 50 ओवर में 344 रन ही बना सकी और 5 रन से मैच हार गई।
जब टीम को 350 रन बनाने के बाद भी नसीब नहीं हुई जीत!
ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत (हैदराबाद, 2009)
हैदराबाद में खेले गए इस वनडे को सचिन तेंदुलकर की बेमिसाल पारी के लिए याद किया जाता है। शॉन मार्श (112) और शेन वॉटसन (93) की पारियों के दम ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 351 रनों की चुनौती रखी। सभी को लगा टीम इस लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंच पाएगी, मगर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन ने 175 रनों की पारी खेल भारत की उम्मीदें कायम रखीं। किंतु सचिन को किसी का भी साथ नहीं मिला और टीम मात्र 3 रनों से मैच गंवा बैठी।