भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीम जब आमने-सामने होती है तब माहौल में काफी गर्मागर्मी हो जाती है। क्रिकेट फैंस से लेकर दोनों टीमों के खिलाड़ी भी कई बार बहुत ज्यादा तनाव में हो जाते हैं।
वर्ल्ड कप में भारत-पाक मुकाबले के तीन बड़े विवाद, जब मैदान बन चुका था अखाड़ा
हाथों में 'छुरी-कांटा' लेकर यूसुफ से भिड़ गए थे भज्जी:
2003 विश्व कप का सेंचुरियन मैच हमेशा सचिन तेंदुलकर की 98 रन की पारी और पाकिस्तान पर भारत की जीत के लिए याद किया जाता है। मगर इसी मैच के दौरान भज्जी और मोहम्मद यूसुफ के बीच शुरू हुआ एक मजाक मारपीट की नौबत तक जा पहुंचा था।
भज्जी ने उस दिन के बारे में बात करते हुए कहा कि, 'लंच के समय मैं एक टेबल पर बैठा था और यूसुफ-शोएब अख्तर दूसरे टेबल पर बैठे थे। हम दोनों पंजाबी बोलते हैं और एक दूसरे की खिंचाई कर रहे थे, तब अचानक उसने निजी टिप्पणी कर दी और फिर मेरे धर्म के बारे में कुछ बोला।’
हरभजन ने हंसते हुए कहा, ‘फिर मैंने भी तुरंत ऐसा ही करारा जवाब दिया। इससे पहले कि कोई समझ पाता, हम दोनों के हाथ में ‘छुरी-कांटे’ थे और हम अपनी कुर्सी से उठकर एक दूसरे पर वार करने के लिए तैयार थे, लेकिन जब यह घटना हुई थी तब यह इतनी हास्यास्पद नहीं लग रही थी।
जपिंग जैक मियांदाद:
ऑस्ट्रेलिया में 1992 के विश्व कप में जावेद मियांदाद बल्लेबाजी कर रहे थे। भारतीय विकेटकीपर किरन मोरे साथियों की हौसलाअफजाई के लिए विकेट के पीछे से बार-बार अपील कर रहे थे। बीच में दोनों के बीच इसको लेकर नोकझोंक भी हुई। मियांदाद ने अंपायर से जाकर शिकायत भी की। अगली गेंद पर जब मियांदाद दो रन दौड़कर पूरे कर रहे थे तो किरन मोरे ने उनके खिलाफ रनआउट की अपील की। इस पर जावेद इतना चिढ़ गए कि क्रीज पर उछलने लगे। इस घटना का दर्शकों ने काफी लुत्फ उठाया था।
सोहेल और वेंकटेश की झड़प:
बात 1996 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल की है। पाकिस्तान 287 के लक्ष्य का पीछा कर रहा था। पाक बल्लेबाज आमिर सोहेल ने वेंकटेश की गेंद पर चौका मारा और वेंकटेश की ओर देखते हुए उंगली से इशारा किया। शायद यह चुनौती दे रहे थे कि फेंको गेंद फिर मारूंगा चौका। वेंकटेश भी ताव में थे। ओवर द विकेट गेंदबाजी करने की जगह राउंड द विकेट आए और अगली गेंद पर सोहेल को क्लीन बोल्ड कर दिया। उसके बाद सोहेल को उन्हीं के अंदाज में पवेलियन लौटने का इशारा किया।
बता दें कि 1992 से लेकर अब तक दोनों ही टीमें विश्व कप में आपस में 6 बार टकरा चुकी हैं। इन मुकाबलों में भारत का ही पलड़ा भारी रहा है और उसने सभी छह मुकाबलों में जीत हासिल की है। इस बार फिर से 16 जून को मैनचेस्टर में भारत-पाकिस्तान की टीम सातवीं बार आमने-सामने होगी।
इस दौरान एक बार फिर से माहौल में काफी गर्मी देखने को मिल सकती है, हालांकि उम्मीद है कि इस बार खिलाड़ियों के बीच इस तरह का कोई विवाद ना हो।