संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने बुधवार को पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया। मसूद अजहर के वैश्विक आतंकी घोषित होने पर इसे भारत की कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है।
2 of 5
masood azhar
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि भारत 2009 से ही मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की कोशिशों में जुटा था, लेकिन पाकिस्तान के मित्र राष्ट्र चीन की तरफ से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के इस प्रस्ताव के खिलाफ हर बार वीटो करके इस आतंकी को बचा ले गया।
भारतीय राजदूत अकबरुद्दीन ने दिया धोनी का उदाहरण
संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित होने के बाद एक ट्वीट किया, 'मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आंतकी घोषित किया गया। आप सभी के समर्थन के लिए आभार। इसमें बड़े-छोटे सभी साथ आए।'
मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए भारत के 10 साल लंबे इंतजार के बावजूद हार न मानने पर अकबरुद्दीन ने अपने धैर्य के लिए चर्चित और भारत को दो क्रिकेट वर्ल्ड कप जिताने वाले एमएस धोनी का जिक्र किया।
2016 और 2017 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की असफलता देख चुके अकबरुद्दीन ने अब आखिरकार 2019 में मिली इस कामयाबी के बारे में कहा, 'मैं एमएस धोनी के दृष्टिकोण में यकीन करता हूं...ये सोचते हुए कि किसी लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश के दौरान आप जितना सोचते हैं उससे कहीं ज्यादा वक्त होता है। कभी मत कहिए समय खत्म हो गया, कभी भी जल्द हार मत मानिए।'