टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड के हाथों पहले टेस्ट में मिली हार का जिम्मेदार इसे ठहराया है। गौरतलब है कि मेजबान इंग्लैंड ने बर्मिंघम टेस्ट में टीम इंडिया को 31 रन से मात दी थी। उस मैच में कप्तान विराट के अलावा सारे बल्लेबाज फ्लॉप दिखे। कप्तान कोहली ने अपनी दोनों पारियों में कुल मिलाकर 200 रन बनाए थे। आइए जानते हैं कि गावस्कर ने किसे ठहराया हार का जिम्मेदारः
दरअसल, गावस्कर ने टीम इंडिया की हार का ठीकरा प्रैक्टिस मैच की कमी पर फोड़ा। 'इंडिया टुडे' से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट में उतरने से पहले टीम पांच दिनों की क्रिकेट से छुट्टी नहीं ले सकती। टीम इंडिया को पहले टेस्ट मैच में उतरने से पहले पर्याप्त संख्या में प्रैक्टिस मैच खेलने चाहिए थे।
उन्होंने कहा, 'सफेद गेंद जरा भी स्विंग नहीं होती। आधे दर्जन ओवर और उसके बाद तक उसमें जरा भी स्विंग नजर नहीं आता, लेकिन लाल गेंद काफी स्विंग होता है। ऐसे में जब आप वन-डे और टी-20 के बाद टेस्ट खेलने उतरे हो तो लाल गेंद से खेलने के लिए आप पूरी तरह तैयार नहीं हो सकते।'
सुनील गावस्कर ने कहा, 'हमने टेस्ट मैच में देखा है कि 40वें और 50वें ओवर में भी गेंद हवा में काफी स्विंग होता है। ऐसे में साफ है कि आपको प्रैक्टिस की काफी जरूरत है। बता दें कि भारत को एसेक्स के खिलाफ एक प्रैक्टिस मैच खेलने को मिला था। टीम ने इसे चार दिन से घटाकर तीन दिन का कर दिया था। गावस्कर ने कहा, हम थ्रो डाउन से प्रैक्टिस को तरजीह दे रहे हैं, लेकिन मैदान में खेलते हुए प्रैक्टिस करना और थ्रो डाउन से प्रैक्टिस करने में काफी अंतर होता है।'
उन्होंने अभ्यास मैच में सभी 18 खिलाड़ियों के साथ उतरने की योजना की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'उन्हें कम से कम दो तीन दिवसीय मैच खेलने चाहिए थे। 18 खिलाड़ियों के साथ नहीं, बल्कि 11 खिलाड़ियों के साथ। उन्हें अभ्यास मैचों को टेस्ट मैच की तरह लेना चाहिए था। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भी अभ्यास मैच को रद्द किया और पहले दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा।'