शिखर धवन तब अपने आप से बहुत निराश हुए थे, जब उन्हें भारतीय टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, उन्हें खेल के सबसे लंबे प्रारूप की राष्ट्रीय टीम में जल्दी या देरी से वापसी का भरोसा जरुर था। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने श्रीलंका के खिलाफ बुधवार से गॉल में शुरू हुए पहले टेस्ट के पहले दिन सिर्फ 168 गेंदों में अपने टेस्ट करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए 190 रन बनाए। धवन की पारी की बदौलत भारत ने पहले दिन स्टंप्स तक तीन विकेट खोकर 399 रन बना लिए हैं।
दिन का खेल खत्म होने के बाद धवन ने उस समय को याद किया जब वो टीम का हिस्सा नहीं थे। 'गब्बर' के नाम से मशहूर धवन ने कहा, 'जब मेरा खराब समय चल रहा था, तब मुझे पता था कि अगर मैंने रन नहीं बनाए तो टीम से बाहर कर दिया जाऊंगा। मैं उस समय काफी दबाव में था और जब टेस्ट टीम से बाहर हुआ तब बहुत निराश हुआ।'
उन्होंने आगे कहा, 'फिर मैंने आगे बढ़ने की ठानी और दिल्ली के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट खेला। मैंने अपने समय का पूरा आनंद उठाया। मेरे साथ एक चीज ये भी है कि मैं बहुत देर तक उदास नहीं रह सकता। मुझे खुश रहना पसंद हैं और पता था कि अगर मैं खुश रहा तो चीजें जरुर बदलेंगी। मैंने कड़ी मेहनत की और अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया। मुझे पता था कि अच्छा समय जरुर आएगा।'
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भारत श्रीलंका टेस्ट हाईलाइट
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वैसे, धवन को श्रीलंका दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में नहीं चुना गया था। लेकिन मुरली विजय के चोटिल होने के कारण उन्हें अंतिम समय में टीम में शामिल किया। धवन ने बताया कि छुट्टियों में उनकी मेलबर्न जाकर अपने परिवार के साथ समय बिताने की योजना थी। इसके बाद वो हांगकांग घूमकर भारत आते और फिर टीम के साथ जुड़ते। ओपनर ने कहा, 'ये मेरी योजना थी, लेकिन किस्मत ने मेरे लिए कुछ अलग योजना बना रखी थी। मैं खुश हूं और भगवान का शुक्रगुजार हूं।'
उन्होंने कहा, 'भारतीय टीम में वापसी करके खुश हूं। दुर्भाग्यवश विजय चोटिल हो गए। मैंने चैंपियंस ट्रॉफी में रन बनाए और उसी विश्वास के साथ यहां खेलने आया। मैंने नेट्स पर भी खूब पसीना बहाया और इस मैच की तैयारी की।' धवन ने गॉल स्टेडियम में दूसरा शतक जमाया। इससे पहले 2015 में उन्होंने यहां शतक जमाया था।