पृथ्वी शॉ के लिए साल 2018 बहुत ही अच्छा बीत रहा है। भारतीय अंडर-19 टीम को इस साल न्यूजीलैंड में हुए विश्व कप में चैंपियन बनाने के बाद इंडियन प्रीमियर लीग में भी युवा बल्लेबाज का प्रदर्शन शानदार रहा था। 18 साल के शॉ को अब इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने बहुत पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि शॉ राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनेंगे।
शॉ को हैदराबाद के बल्लेबाज हनुमा विहारी के साथ मौजूदा टेस्ट सीरीज में शामिल किया है। खराब फॉर्म में चल रहे मुरली विजय और चाइनामैन कुलदीप यादव को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। एक लाइव के दौरान तेंदुलकर ने कहा, '10 साल पहले मेरे किसी दोस्त ने युवा पृथ्वी का खेल देखने को कहा था। उसने मुझे शॉ के खेल का विश्लेषण करने को कहा था और साथ ही कहा कि किसी चीज पर युवा बल्लेबाज को काम करने की जरूरत हो तो बताएं।'
तेंदुलकर ने आगे कहा, 'मैंने एक सत्र में शॉ के साथ काम किया और उसे अपना खेल सुधारने के लिए कुछ बिंदु बताए। मैंने बाद में अपने दोस्त से कहा कि शॉ आगे चलकर भारत के लिए खेलेगा।' तो तेंदुलकर ने शॉ को उनके खेल में क्या सुधार करने के लिए कहा था? इस बात का खुलासा भी महान बल्लेबाज ने किया।
मास्टर ब्लास्टर ने कहा, 'मैंने पृथ्वी से कहा कि वह अपना स्टांस और बल्ला पकड़ने का तरीका नहीं बदले। अगर भविष्य में कोई कोच उन्हें इसमें कोई सुधार करने को कहे तो बात अलग है। अगर कोई उन्हें कुछ बदलने के लिए कहता है, तो मैंने कहा कि उसे बोलना कि मुझसे आकर बात करे। कोचिंग अच्छी है, लेकिन किसी खिलाड़ी का खेल बदलने से परेशानी होती है।'
युवा सनसनी शॉ ने 2016-17 में रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मुंबई की तरफ से खेलते हुए काफी सुर्खियां बंटोरी। अब तक शॉ ने 14 प्रथम-श्रेणी मैच खेले हैं, जिसमें उनकी औसत करीब 57 की रही। इस दौरान उन्होंने सात शतक और पांच अर्धशतक जमाए। इंग्लैंड में इंडिया 'ए' की तरफ से खेलते हुए शॉ ने 10 पारियों में 600 रन बनाए।