टीम इंडिया के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू करने का श्रेय भारत ए की तरफ से खेलने को दिया है। उन्होंने कहा कि इंडिया ए की तरफ से खेलने के कारण वह ट्रेंटब्रिज पर उछाल और गति का सामना कर सके।
20 वर्षीय पंत ने टेस्ट करियर की विश्वास से भरी शुरुआत की। उन्होंने बल्लेबाजी की और 24 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने छक्का जमाकर अपने टेस्ट रन का खाता खोला। वह छक्का जड़कर रन का खाता खोलने वाले भारत के पहले बल्लेबाज भी बने। इसके बाद पंत ने सात कैच लपके और रिकॉर्ड बनाया।
पंत ने दूसरी गेंद पर छक्का लगाने का राज भी खोला। उन्होंने कहा, मैं घबराया हुआ था। जो भी अपना पहला टेस्ट खेलता है, वो घबराया हुआ रहता है। जब मैंने गेंद देखी तो ज्यादा सोचा नहीं। मैंने गेंद को देखते ही उस पर रिएक्ट किया। फिर छक्का लग गया। मैं अपना आम क्रिकेट खेल रहा था। इसमें कोई हैरानी भरी बात नहीं है।
इंग्लैंड को तीसरे टेस्ट में 203 रन के विशाल अंतर से हराने के बाद पंत ने कहा, इंग्लैंड में खेलना हमेशा मुश्किल होता है क्योंकि विकेट के पीछे गेंद काफी घूमती है। मैंने इंग्लैंड में भारत ए की तरफ से करीब ढाई महीने क्रिकेट खेला, जो मौजूदा टेस्ट सीरीज में काफी मददगार साबित हो रहा है। मैं नेट्स पर अभ्यास कर रहा हूं कि हवा चलते समय गेंद को कैसे संभालना है।
पंत ने आगे कहा, 'इंग्लैंड पर इंडिया ए के लिए खेले गए हालिया दौरे से मुझे पिच को समझने में काफी मदद मिली। शायद इसी वजह से मैं अपने डेब्यू टेस्ट में ज्यादा विश्वास के साथ खेल सका।' बता दें टीम इंडिया में अपने टेस्ट डेब्यू से ठीक पहले पंत इंग्लैंड में इंग्लैंड लॉयन्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ भी खेले थे।