विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया 1 अगस्त से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने की तैयारियों में जुटी है। चयन समिति ने शुरुआती तीन टेस्ट के लिए टीम की घोषणा की है, जिसमें कई रोचक बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं ताकि इंग्लैंड पर दबाव बनाने में आसानी हो।
20 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को भी 18 सदस्यीय घोषित टीम में जगह दी गई है। पंत पिछले कुछ समय से बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया और हाल ही में भारत ए के साथ इंग्लैंड दौरे पर भी कुछ उम्दा पारियां खेली। बाएं हाथ के बल्लेबाज की निरंतरता को देखते हुए और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता का ध्यान रखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें नियमित बैकअप विकेटकीपर पार्थिव पटेल पर तरजीह दी।
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rishabh pant and rahul dravid
इंग्लैंड के खिलाफ लंबी टेस्ट सीरीज से पहले पंत ने कई रोचक खुलासे किए। उन्होंने यह भी बताया कि जब शॉट खेलने की बात आती है तो उन्हें लाल या सफेद गेंद में कोई फर्क नजर नहीं आता है। इसके अलावा इंग्लिश परिस्थितियों में ड्यूक गेंद कूकाबूरा से अधिक स्विंग होती है, जिससे तेज गेंदबाज को फायदा मिलता है। उनका मानना है कि गेंद को ध्यान से देखना जरूरी है क्योंकि 5 दिन का समय बहुत होता है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति ही हर पल परीक्षा होती है।
पंत ने कहा, 'मुझे लगता है कि गेंद में ज्यादा फर्क नहीं, लेकिन शॉट चयन का अधिक ध्यान रखना होता है। लाल गेंद वाले क्रिकेट में आप फील्डिंग की जमावट देखने के बाद अपना समय ले सकते हैं क्योंकि आपके पास खेलने के लिए पांच दिन हैं। वहीं सीमित ओवर क्रिकेट में आपके पास खेलने के लिए सीमित गेंदें होती हैं, जिसमें आपको रन बनाने होते हैं।'
दिल्ली के बल्लेबाज ने आगे कहा, 'लाल गेंद क्रिकेट के लिए मैं अपनी तैयारियों से संतुष्ट हूं। मैंने अब तक इसका आनंद उठाया है। जब आप इंग्लैंड में होते हैं तो ड्यूक गेंद ज्यादा स्विंग होती है। जब मैंने इंग्लैंड में भारत ए की तरफ से खेला तो महसूस किया कि इन परिस्थितियों में स्विंग गेंदबाजी ज्यादा देखने को मिलेगी।'