आईपीएल सीजन-11 में विराट कोहली के नेतृत्व वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने शेन वॉटसन जैसे दिग्गज खिलाड़ी को छोड़कर सरफराज खान जैसे प्लेयर को रीटेन किया था। हालांकि इस पूरे सीजन सरफराज खान का बल्ला पूरी तरह से खामोश रहा। यह बात अलग है कि उन्हें इस सीजन का आखिर में ही कुछ मैच खेलने का मौका मिला था।
इस सीजन में आरसीबी के लिए सात मैच खेलते हुए सरफराज खान ने कुल 51 रन का योगदान दिया। सीजन में उनका सर्वाधिक स्कोर 22 रहा। सरफराज ने 10.20 की औसत से ये रन बनाए, जिसमें कुल सात चौके भी शामिल हैं।
प्लेऑफ में आरसीबी नहीं पहुंच पाई, लेकिन अंत तक आते-आते इस खिलाड़ी के बल्ले से कुछ अच्छे शॉट निकलने शुरू हो चुके थे। आखिरी मैचों में सरफराज के शॉट देखकर फैंस को लगने लगा था कि इस सीजन में भी सरफराज जरूर कोई न कोई नया फैक्टर लेकर आएंगे। लेकिन जैसे ही यह खिलाड़ी फॉर्म में आया कि आरसीबी प्लेऑफ से ही बाहर हो गई।
बता दें कि सरफराज ने हैरिस शील्ड अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में रिजवी स्प्रिंगफील्ड के लिए खेलते हुए 421 गेंदों में रिकार्ड 439 रनों की पारी खेलकर सचिन तेंदुलकर के 434 रनों के निजी स्कोर का रिकार्ड तोड़ दिया था।
सरफराज अंडर-19 टीम में दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में खेले हैं। द्रविड़ के बारे में बात करते हुए सरफराज ने कहा, “द्रविड़ सर जैसे इंसान काफी कम हैं। उनसे काफी कुछ सीखने को मिला। आने वाले दिनों में उनके जैसे कोच मिलेंगे तो बेशक फायदा होगा। तकनीक के बारे में उनसे काफी कुछ सीखा। अभी भी जब उनसे मिलते हैं तो बात होती है।”