इसे कहते हैं कि अंत भला तो सब भला। आईपीएल में अब तक नाकाम साबित हो रहे धोनी के खास गेंदबाज अश्विन ने टूर्नामेंट के अपने अंतिम मैच में शानदार 'शतक' ही लगा दिया। हालांकि फिरकी गेंदबाज अश्विन के लिए इस बार का सत्र बहुत खास नहीं रहा लेकिन अंतिम मैच में वह वो कमाल कर गए जिसका इंतजार शुरू से ही था।
आईपीएल-9 में अपना 14वां मैच खेलने से पहले अश्विन ने 13 मैचों में 40 ओवर डाले थे और सिर्फ 6 विकेट ही झटकने में कामयाब रहे थे, जो उनकी नाकामी को दिखाता है।
विशाखापत्नम में राइजिंग पुणे सुपरजाइंटस के खिलाफ मुकाबले में आर अश्विन जोरदार फॉर्म में दिखे और 4 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट झटक लिए। लेकिन इस 4 विकेट के दम पर उनके खाते में विकेटों का शतक भी लग गया। वह किस्मत वाले रहे क्योंकि आईपीएल में विकेटों का शतक लगाने के लिए 4 विकेटों की दरकार थी और उसे हासिल कर लिया। वह इस मुकाम को हासिल करने वाले दुनिया के छठे गेंदबाज हो गए हैं।
आईपीएल इतिहास में 100 विकेट लेने वाले गेंदबाजों के क्लब में अश्विन ओवरऑल छठे और चौथे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। इस फिरकी गेंदबाज ने 111 मैचों की 108 पारियों में 100 विकेट झटके हैं।
आर अश्विन से पहले इस मुकाम को छूने वाले अन्य गेंदबाज हरभजन सिंह (मुंबई, 118 विकेट), ड्वेन ब्रॉवो (गुजरात लायंस, 118 विकेट), पीयूष चावला (कोलकाता, 120 विकेट), अमित मिश्रा (दिल्ली, 120 विकेट) और लसिथ मलिंगा (मुंबई, 143 विकेट) हैं। इन 6 गेंदबाजों में ब्रॉवो और मलिंगा ही तेज गेंदबाज हैं जिन्होंने यह कमाल किया है।