भारतीय क्रिकेट टीम ने दो विश्व कप जीता है। पहला 1983 में, जब कपिल देव ने लॉर्ड्स की बालकनी में ट्रॉफी उठाई थी। दूसरा 2011 में, जब धोनी के छक्के ने 28 साल के सूखे को खत्म कर दूसरी बार भारत को विश्व चैंपियन बनाया था। पहले विश्व कप में मैन ऑफ दी टूर्नामेंट थे मोहिंदर अमरनाथ और दूसरे में प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट की ट्रॉफी मिली भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह को। युवराज ने उस विश्व कप में अपने खेल से तहलका मचा दिया था। 20 मार्च को युवराज ने एक जबरदस्त शकतकीय पारी खेली थी। मुकाबला था भारत-बनाम वेस्टइंडीज के बीच। मैदान था चेन्नई का एम ए चिदंबरम का। चेन्नई में भयंकर गर्मी थी और युवराज उससे लड़ते हुए मैदान पर उल्टियां करते हुए भारतीय टीम की जीत के लिए बल्ला भांज रहे थे।
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युवराज सिंह
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टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 51 रनो पर दो विकेट गंवा दिए थे। इस मुश्किल स्थिति में विराट कोहली और युवराज ने तीसरे विकेट के लिए 122 रनों की साझेदारी कर भारतीय पारी को संभाला। विराट 59 रन बनाकर पवेलिय लौट गए, लेकिन युवी ने एक छोर पर अंगद के पैर की तरह जमे रहे। युवी को इस पारी के दौरान मैदान पर कई बार उल्टियां हुई, लेकिन उन्होंने बल्लेबाजी करना जारी रखा।
उन्होंने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से 113 रन बनाए। युवी के शतक बदौलत भारत 268 रन तक पहुंचा। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी विंडीज टीम के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने नहीं टिक पाए। भारत ने यह मुकाबला 80 रनों से जीता था। मैच के बाद युवराज ने कहा था कि मुझे पहले लगा था कि चेन्नई की गर्मी की वजह से मुझे उल्टियां हो रही हैं। मैं वर्ल्ड कप में शतक लगाना चाहता था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं था, क्योंकि मैं छठे क्रम पर बल्लेबाजी करता था। मैंने भगवान से प्रार्थना की थी कि भले ही मुझे कुछ भी हो जाए, लेकिन भारत को वर्ल्ड कप जीतना चाहिए।
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युवराज सिंह और सुरेश रैना
भारत ने मुंबई के वानखेड़े में हुए फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। युवराज ने इस वर्ल्ड कप में 362 रन बनाए और 15 विकेट लिए थे और वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। विश्व कप के ठीक बाद पता चला था कि युवराज को कैंसर है और वो इससे जूझते हुए पूरे विश्व कप में खेल रहे थे। युवी ने कैंसर से उबरने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की, लेकिल लंबे समय तक टीम नहीं रह पाए। अपने इंटरनेशनल करियर में 40 टेस्ट, 304 वन-डे और 58 टी-20 मैच युवराज ने भारत के लिए खेले हैं।