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इतिहास का सबसे छोटा युद्ध, महज 38 मिनट में ही हो गया था समाप्त

Fri, 20 Mar 2020 03:17 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 20 Mar 2020 03:17 PM IST
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Shortest War in History The Anglo Zanzibar War in 1896 lasted in only 38 minutes
इतिहास का सबसे छोटा युद्ध - फोटो : Social media

विश्व इतिहास में कई बड़े युद्ध हुए हैं, जो सालों तक चले हैं। अब प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध को ही देख लीजिए, जो क्रमश: चार साल और छह साल तक चले हैं। लेकिन इतिहास में एक ऐसा युद्ध भी हुआ है, जो महज 38 मिनट तक ही चला था, क्योंकि इतने में ही दुश्मनों ने अपने घुटने टेक दिए थे। इस युद्ध को इतिहास के सबसे छोटे युद्ध के तौर पर जाना जाता है। 

Shortest War in History The Anglo Zanzibar War in 1896 lasted in only 38 minutes
जांजीबार का सुल्तान हमद बिन थुवैनी - फोटो : Social media

यह युद्ध इंग्लैंड और जांजीबार के बीच लड़ा गया था। जांजीबार एक द्वीपसमूह है और फिलहाल तंजानिया का एक अर्द्ध-स्वायत्त हिस्सा है। बात 1890 की है, जब जांजीबार ने ब्रिटेन और जर्मनी के बीच हुई एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इस संधि की वजह से जांजीबार पर ब्रिटेन का अधिकार हो गया, जबकि तंजानिया का अधिकांश हिस्सा जर्मनी के हिस्से में चला गया। संधि के बाद ब्रिटेन ने जांजीबार की देखभाल का जिम्मा हमद बिन थुवैनी के हाथों में सौंप दिया, जिसके बाद थुवैनी ने खुद को वहां का सुल्तान घोषित कर दिया। 

Shortest War in History The Anglo Zanzibar War in 1896 lasted in only 38 minutes
जांजीबार का सुल्तान हमद बिन थुवैनी - फोटो : Social media

हमद बिन थुवैनी ने 1893 से 1896 यानी तीन साल तक शांति और जिम्मेदारी से जांजीबार पर अपना शासन चलाया, लेकिन 25 अगस्त 1896 को उनकी मौत हो गई, जिसके बाद थुवैनी के भतीजे खालिद बिन बर्घाश ने खुद को जांजीबार का सुल्तान घोषित कर दिया और जांजीबार की सत्ता हथिया ली। कहते हैं कि सत्ता हथियाने के लिए खालिद ने ही हमद बिन थुवैनी को जहर देकर मार दिया था।

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Shortest War in History The Anglo Zanzibar War in 1896 lasted in only 38 minutes
खालिद बिन बर्घाश - फोटो : Social media

अब चूंकि जांजीबार पर ब्रिटेन का अधिकार था, ऐसे में बिना उनकी इजाजत के खालिद बिन बर्घाश द्वारा जांजीबार की सत्ता हथिया लेना उन्हें नागवार गुजरा, जिसके बाद ब्रिटेन ने खालिद को सुल्तान पद से हटने का आदेश दिया, लेकिन खालिद ने उनके इस आदेश को अनसुना कर दिया। ऊपर से उसने अपनी और महल की सुरक्षा के लिए चारों तरफ करीब तीन हजार सैनिकों को तैनात कर दिया। यह बात जब ब्रिटेन को पता चली तो उसने एक बार फिर खालिद से सुल्तान पद छोड़ने को कहा, लेकिन खालिद ने ऐसा करने से मना कर दिया। 

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Shortest War in History The Anglo Zanzibar War in 1896 lasted in only 38 minutes
इतिहास का सबसे छोटा युद्ध - फोटो : Social media

अब जांजीबार को फिर से अपने अधिकार में लेने के लिए ब्रिटेन के पास बस एक ही रास्ता बचा था और वो था युद्ध। लिहाजा ब्रिटेन ने पूरी तैयारी और रणनीति के साथ जांजीबार पर आक्रमण के लिए अपनी नौसेना भेजी। 27 अगस्त 1896 की सुबह ब्रिटिश नौसेना ने अपने जहाजों से जांजीबार के महल पर बमबारी शुरू कर दी और उसे नष्ट कर दिया। महज 38 मिनट में ही एक संघर्ष विराम की घोषणा हुई और युद्ध समाप्त हो गया। इसे ही इतिहास का सबसे छोटा युद्ध माना जाता है। 

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