पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। पाकिस्तान अपनी आजादी का जश्न आज ही के दिन मनाता है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए यह दिन एक खास वजह से यादगार है। भारतीय क्रिकेट की दृष्टि से देखा जाए तो उसने पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस विश्वभर में एक बेहद अलग वजह से यादगार बनाया, जिसका बिगुल किसी और ने नहीं बल्कि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बजाया। इस दिन भारत समेत दुनिया ने जाना कि इंटरनेशनल क्रिकेट में 'क्रिकेट का भगवान' आ चुका है।
भारतीय क्रिकेट के लिए खास है पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस, सचिन तेंदुलकर ने बजाया था बिगुल
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टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने स्वर्णिम करियर में कई रिकॉर्ड्स तोड़े, जिसमें इंटरनेशनल क्रिकेट में व्यक्तिगत 100 शतकों का कीर्तिमान शामिल है। 2013 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने से पहले तेंदुलकर ने टेस्ट में 51 जबकि वन-डे में 49 शतक जमाए।
तेंदुलकर ने ठीक 28 साल पहले दुनिया को दिखाया कि वह भविष्य में 'क्रिकेट के भगवान' का तमगा हासिल करेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रेफोर्ड में खेले गए दूसरे टेस्ट में तेंदुलकर ने अपने इंटरनेशनल करियर का पहला शतक जमाया और टीम इंडिया के लिए मैच सुरक्षित किया। यह मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
#OnThisDay in 1990, the world saw the first of @sachin_rt's 100 international centuries.
The little master was 17 years, 112 days old when he hit his maiden Test ton at Old Trafford - the third youngest player ever to score a Test hundred. pic.twitter.com/oJe7CXfX2q
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और पहली पारी में 519 रन का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में तेंदुलकर (68) और कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (179) की पारियों की बदौलत भारत ने 432 रन बनाए। मगर टीम इंडिया 87 रन से पीछे रह गई। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 320/4 के स्कोर पर घोषित की और भारत के सामने 408 रन का लक्ष्य रखा। टीम इंडिया की दूसरी पारी में हालत खराब रही और वह एक समय 127 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी। तभी 17 साल के सचिन तेंदुलकर क्रीज पर आए।
इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाज युवा तेंदुलकर के सामने संघर्ष करते दिखे। सचिन ने 17 चौकों की मदद से इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना पहला शतक जमाया। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 119 रन बनाए और मनोज प्रभाकर के साथ क्रीज पर जमे रहे, जिन्होंने अर्धशतक जमाया। आखिरी दिन स्टंप्स की घोषणा के सामने टीम इंडिया ने 6 विकेट खोकर 343 रन बना लिए थे। सचिन तेंदुलकर ने न सिर्फ टीम इंडिया के लिए मैच बचाया बल्कि वह टेस्ट शतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज भी बने। उनकी उम्र तब 17 साल 112 दिन थी।