भारत में पांच अक्तूबर से होने वाले विश्व कप में अब एक महीने का समय बचा है। बीसीसीआई ने टूर्नामेंट के लिए मंगलवार (पांच सितंबर) को भारतीय टीम का एलान किया। रोहित शर्मा की कप्तानी में 15 सदस्यीय टीम चुनी गई है। टीम इंडिया अब तक हुए विश्व कप के 12 संस्करण में दो बार ट्रॉफी उठाने में सफल हुई है। 1983 में कपिल देव और 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम विजेता बनी थी।
आगामी विश्व कप से पहले हम आपको यहां बता रहे हैं कि 1975 से 2019 तक भारत का हर बार विश्व कप में कैसा प्रदर्शन रहा है:
1975 विश्व कप
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विश्व कप 1975
- फोटो : सोशल मीडिया
विश्व कप के पहले संस्करण का आयोजन इंग्लैंड की धरती पर 1975 में किया गया था। भारत इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में हार गया था। इसी मुकाबले में सुनील गावस्कर ने पूरे 60 ओवर बल्लेबाजी की थी। वह सिर्फ 36 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। अगले मुकाबले में टीम ने ईस्ट अफ्रीका को हराकर वापसी तो की, लेकिन न्यूजीलैंड ने तीसरे मैच में शिकस्त दे दी। इस हार के बाद टीम विश्व कप से बाहर हो गई।
1979 विश्व कप
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1979 विश्व विजेता वेस्टइंडीज टीम
दूसरी बार भी विश्व कप इंग्लैंड में ही आयोजित हुआ। टीम इंडिया इस बार एक भी मैच नहीं जीत सकी। वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ लीग राउंड में मिली हार ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। फाइनल में इंग्लैंड और गत विजेता वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला हुआ। वेस्टइंडीज ने एक बार फिर से खिताब को अपने नाम कर लिया।
1983 विश्व कप
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वर्ल्ड कप 1983
- फोटो : अमर उजाला
इंग्लैंड में ही तीसरी बार भी विश्व कप का आयोजन हुआ। भारत को इस बार भी कमजोर माना जा रहा है। टीम को अभ्यास मैच में भी हार का सामना करना पड़ा था। एक अभ्यास मुकाबले में तो टीम इंडिया इंग्लैंड की काउंटी टीम से हार गई थी, लेकिन जब मुख्य राउंड के मैच शुरू हुए तो भारतीय खिलाड़ी फॉर्म में आ गए। पहले मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को 34 रन से हरा दिया। इसके बाद जिम्बाब्वे को पांच विकेट से हराया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 162 रन से हार मिली। वेस्टइंडीज ने दूसरे मैच में 66 रन से हरा दिया। लगातार दो हार के बाद टीम को हर हाल में बाकी बचे दो मैचों में जीत हासिल करनी थी। उसने जिम्बाब्वे को 31 और ऑस्ट्रेलिया को 118 रन से हराकर सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का किया। वहां टीम ने मेजबान इंग्लैंड को छह विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल में भारत के सामने दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज की चुनौती थी। लीग राउंड में इस टीम के खिलाफ मिली जीत से खिलाड़ियों में इस बात का भरोसा तो था कि वह फाइनल में भी उसे हरा सकते हैं। कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने यह मैच 43 रन से जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय टीम पहली बार विश्व चैंपियन बनी थी और वेस्टइंडीज की टीम खिताब की हैट्रिक लगाने से चूक गई।
1987 विश्व कप
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विश्व कप 1987
- फोटो : सोशल मीडिया
विश्व कप का आयोजन पहली बार इंग्लैंड से बाहर हुआ। इस बार मेजबानी भारत और पाकिस्तान को संयुक्त रूप से मिली। साथ ही पहली बार 60 की जगह 50 ओवरों का विश्व कप हुआ। भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हार गया। पाकिस्तान की टीम दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई। ऐसे में दोनों मेजबान टीम फाइनल में नहीं पहुंच पाई। खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हरा दिया। कंगारू टीम पहली बार चैंपियन बनी थी।