भारतीय टीम जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना हुई थी तो विश्व कप से पहले मध्यक्रम थिंकटैंक के लिए चिंता का सबब बना था। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली दो वनडे सीरीज में धोनी और अंबाती रायडू का प्रदर्शन बताता है कि भारतीय टीम नंबर चार और पांच के बल्लेबाजी क्रम की गुत्थी को लगभग सुलझा चुकी है।
लंबे समय से तमाम बल्लेबाजों की आजमाइश के बावजूद भारतीय टीम इस मसले पर बैकफुट पर नजर आती थी। अगस्त 2017 से लेकर सितंबर 2018 तक युवराज सिंह, लोकेश राहुल, केदार जाधव, विराट कोहली, एम एस धोनी, मनीष पांडेय, हार्दिक पंड्या, दिनेश कार्तिक और अजिंक्य रहाणे को आजमाया।
रन मशीन कोहली ने नंबर तीन पर बल्ले से रन के साथ रिकॉर्डों की बारिश की है। नंबर पांच पर कप्तान कोहली विकेटकीपर बल्लेबाज धोनी को उपयुक्त मानते हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में लगाए अपने तीन में से दो अर्द्धशतक इस क्रम पर लगाए और मैन ऑफ द सीरीज के हकदार बने। विकेट के पीछे अपनी उपयोगिता के साथ मध्यक्रम में अनुभवी धोनी की उपस्थिति टीम को मजबूती प्रदान करती है।
उधर नंबर चार के बल्लेबाज रायडू ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में विषम परिस्थितियों में न केवल सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी खेली बल्कि 63.33 की औसत से 190 रन के साथ सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। पिछले साल एशिया कप में भी उन्होंने 43.75 की औसत से 175 रन बनाए थे।
कप्तान कोहली तो पहले ही नंबर चार पर रायडू को उपयुक्त मानते रहे हैं। पिछले साल अक्तूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ और इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।