{"_id":"59a59b3e4f1c1b16278b46b1","slug":"kuldeep-yadav-says-what-should-be-the-tendency-of-a-bowler","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कुलदीप ने बताया एक गेंदबाज की क्या होनी चाहिए आदत! ","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
कुलदीप ने बताया एक गेंदबाज की क्या होनी चाहिए आदत!
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Tue, 29 Aug 2017 10:20 PM IST
विज्ञापन
कुलदीप यादव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के पहले तीन मैचों में जीत हासिल कर टीम इंडिया ने सीरीज अपने नाम कर ली है। ऐसे में कैप्टन कोहली ने भी तीसरे वनडे में जीत के बाद कहा था कि टीम इंडिया अगले दो मैचों में अपनी बेंच स्ट्रेन्थ को आजमाएगी ऐसे में बांए हाथ के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को मौका मिलना पक्का है। कुलदीप ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत की और अपने छह महीने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के बारे में बात की...
कुलदीप ने बताया एक गेंदबाज की क्या होनी चाहिए आदत!
kuldeep
टेस्ट और वनडे क्रिकेट में क्या फर्क महसूस हो रहा है ?
टेस्ट क्रिकेट में जब वनडे में आते हैं तो सब कुछ बदल जाता है। रेड बॉल से व्हाइट बॉल में आना और गेंदबाजी करना। लिमिटेड क्रिकेट में बैट्समैन अटैक करता है आपको टेस्ट क्रिकेट में विकेट के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वनडे क्रिकेट थोड़ा डिफिकल्ट है क्योंकि चैलेंजेस ज्यादा रहते हैं। दस ओर का आपका कोटा रहता है 50 ओवर का मैच रहता है तो आवियसली बैट्समैन रन बनाने की सोचता है और आपकी गेंदबाजी पर चांस लेने की कोशिश करता है।
टेस्ट क्रिकेट में जब वनडे में आते हैं तो सब कुछ बदल जाता है। रेड बॉल से व्हाइट बॉल में आना और गेंदबाजी करना। लिमिटेड क्रिकेट में बैट्समैन अटैक करता है आपको टेस्ट क्रिकेट में विकेट के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वनडे क्रिकेट थोड़ा डिफिकल्ट है क्योंकि चैलेंजेस ज्यादा रहते हैं। दस ओर का आपका कोटा रहता है 50 ओवर का मैच रहता है तो आवियसली बैट्समैन रन बनाने की सोचता है और आपकी गेंदबाजी पर चांस लेने की कोशिश करता है।
कुलदीप ने बताया एक गेंदबाज की क्या होनी चाहिए आदत!
कुलदीप यादव
- फोटो : ESPN
आपका प्लान पहले विकेट लेने का रहता है या रन रोकने का, इसमें संतुलन कैसे बनाते हैं
ये डिपेंड करता है कि स्थिति कैसी है लेकिन मेरा स्टाइल रन रोकने वाला नहीं है। मैं रन रोकने की कोशिश करूं तो शायद रन और खा जाऊं। तो मैं हमेशा विकेट के लिए देखता हूं। जिससे टीम को फायदा हो और दूसरी टीम दबाव में भी आए। जब आप विकेट निकाल के देते हो तो टीम के लिए बहुत अच्छा होता है जितने विकेट निकालोगे तो दूसरी टीम भी दबाव में आती है।
ये डिपेंड करता है कि स्थिति कैसी है लेकिन मेरा स्टाइल रन रोकने वाला नहीं है। मैं रन रोकने की कोशिश करूं तो शायद रन और खा जाऊं। तो मैं हमेशा विकेट के लिए देखता हूं। जिससे टीम को फायदा हो और दूसरी टीम दबाव में भी आए। जब आप विकेट निकाल के देते हो तो टीम के लिए बहुत अच्छा होता है जितने विकेट निकालोगे तो दूसरी टीम भी दबाव में आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुलदीप ने बताया एक गेंदबाज की क्या होनी चाहिए आदत!
कुलदीप यादव
आपका माइंडसेट वनडे क्रिकेट को लेकर ज्यादा इन ट्यून नहीं है
मैं बहुत सिंपल सोचता हूं विकेट लेना एक गेंदबाज की आदत होना चाहिए। यदि आप अपनी टीम को विकेट निकालकर नहीं दे रहे हैं तो आप नॉर्मल गेंदबाज हैं। मेरे हिसाब से आप टीम के काम नहीं आ रहे हैं। यदि आप दो तीन विकेट निकाल के दे रहे हैं तो टीम को फायदा हो रहा है उससे। मेरी जैसी गेंदबाजी है मैं हमेशा विकेट के लिए सोचता हूं।
मैं बहुत सिंपल सोचता हूं विकेट लेना एक गेंदबाज की आदत होना चाहिए। यदि आप अपनी टीम को विकेट निकालकर नहीं दे रहे हैं तो आप नॉर्मल गेंदबाज हैं। मेरे हिसाब से आप टीम के काम नहीं आ रहे हैं। यदि आप दो तीन विकेट निकाल के दे रहे हैं तो टीम को फायदा हो रहा है उससे। मेरी जैसी गेंदबाजी है मैं हमेशा विकेट के लिए सोचता हूं।
विज्ञापन
कुलदीप ने बताया एक गेंदबाज की क्या होनी चाहिए आदत!
भारतीय क्रिकेट टीम
वेस्टइंडीज और श्रीलंका की विकेटों में कितना फर्क है?
वेस्टइंडीज में विकेट थोड़े स्लो थे। श्रीलंका के विकेट तकरीबन भारत जैसे ही हैं। जैसे ये बैटिंग के लिए ज्यादा फेवर करते हैं। वेस्टइंडीज के विकेट बैटिंग के लिए ज्यादा टफ थे और स्पिनर्स के पास ज्यादा टर्न भी नहीं था। बॉल वहां ड्रिफ्ट हो रहा था। श्रीलंका के विकेट बैटिंग के लिए थोड़ा बेहतर हैं।
वेस्टइंडीज में विकेट थोड़े स्लो थे। श्रीलंका के विकेट तकरीबन भारत जैसे ही हैं। जैसे ये बैटिंग के लिए ज्यादा फेवर करते हैं। वेस्टइंडीज के विकेट बैटिंग के लिए ज्यादा टफ थे और स्पिनर्स के पास ज्यादा टर्न भी नहीं था। बॉल वहां ड्रिफ्ट हो रहा था। श्रीलंका के विकेट बैटिंग के लिए थोड़ा बेहतर हैं।