पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद और पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरन मोरे के बीच विश्व कप 1992 में हुई कहा-सुनी को फैंस भला कैसे भूल सकते हैं। जब जावेद मियांदाद सचिन तेंदुलकर के सामने किरन मोरे को चिढ़ाने के लिए मेढक की तरह उछलने लगा था।
पाक क्रिकेटर जावेद मियांदाद और विवाद एक दूसरे का पर्याय माने जाते थे। बात चाहे ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज रॉडनी हॉग के रन आउट होने की हो, लिली से बहस या फिर अब्दुल कादिर को मैदान के बाहर चाकू लेकर डराने की, मैदान के अंदर-बाहर दोनों जगह विवाद मियांदाद के साथ रहे।
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पाकिस्तान क्रिकेट 1992
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ये बात है 1992 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच की है। भारत ने 49 ओवर में सात विकेट पर 216 रन बनाए थे। पाकिस्तान के लिए लक्ष्य हासिल करना ज्यादा मुश्किल नहीं था। आमिर सुहैल और जावेद मियांदाद ने पाकिस्तान का स्कोर दो विकेट के नुकसान पर 100 के पार पहुंचा दिया था। फिर अचानक पाकिस्तान के विकेट गिरने लगे।
सुहैल 62 रन बनाकर आउट हो गए। मलिक 12 रन बनाकर चलते बने, इमरान खान शून्य पर रन आउट हो गए। वसीम अकरम को विकेट कीपर मोरे ने चार रन पर स्टंप कर दिया। भारतीय खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ता गया और पाकिस्तानी खेमे में हताशा। मोरे विकेट के पीछे बार-बार उछल-उछलकर अपील कर रहे थे।
मियांदाद पर दबाव बढ़ता जा रहा था जिसे खत्म करने के लिए अचानक मियांदाद ने मोरे से कुछ कहा और फिर मोरे की तरह कूदकर नकल उतारने लगे। ऐसा दृश्य पहले किसी ने नहीं देखा था। पश्चिमी मीडिया ने दूसरे दिन 'जंपिंग जावेद' के नाम से खबर छापी और मियांदाद की वह तस्वीर लोगों की याद का हिस्सा बन गई। इस वक्त गेंदबाजी छोर पर सचिन तेंदुलकर और विकेटकीपर किरन मोरे ही थे।