क्रिकेट में एक पुरानी कहावत है, कि रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ही बनते हैं। फटाफट क्रिकेट के इस महाकुंभ आईपीएल में 2008 से 2016 तक कई रिकॉर्ड बने, टूटे और फिर नए बन गए। लेकिन फिर 4 ऐसे रिकॉर्ड हैं जो आईपीएल के आगाज 2008 में बने और आज तक बने हुए हैं।
आईपीएल में वे 4 रिकॉर्ड जो पिछले 9 सालों से नहीं टूटे
पहला रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। इन्होंने एक मैच में सबसे ज्यादा कैच लपके हैं। 2008 आईपीएल में एक मैच के दौरान सचिन ने कोलकाता नाइटराइडर्स के चार बल्लेबाजों को कैच आउट किया था। वह बल्लेबाज सलमान बट, रिद्दिमन साहा, अजीत अगरकर और शोएब अख्तर थे। हालांकि सचिन के बाद यह 4 कैच लपकने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर और जैक कॉलिस ने किया था हालांकि 4 से ज्यादा कैच एक फिल्डर एक मैच में आज तक नहीं लपक सका है।
आईपीएल में वे 4 रिकॉर्ड जो पिछले 9 सालों से नहीं टूटे
आईपीएल के चौथे मुकाबले में केकेआर ने डेक्कन चाजर्स को 110 रन पर ऑलआउट कर दिया था। यह लक्ष्य केकेआर के लिए आसान तो था ही डेक्कन चाजर्स के गेंदबाजों ने और आसान कर दिया। उन गेंदबाजों ने 28 एक्स्ट्रा फेंकी, इसमें 15 वाइड गेंदे शामिल थी। आईपीएल के आज के इतिहास में किसी भी टीम ने एक मैच में लक्ष्य का 25 प्रतिशत सिर्फ एक्स्ट्रा में दिया। यह रिकॉर्ड आज तक कायम है।
आईपीएल में वे 4 रिकॉर्ड जो पिछले 9 सालों से नहीं टूटे
पाकिस्तानी क्रिकेटर सोहेल तनवीर की शानदार गेंदबाजी का रिकॉर्ड आज भी आईपीएल में कायम है। 2008 आईपीएल में सबसे कमजोर टीम राजस्थान रॉयल्स मानी जा रही थी लेकिन टीम ने सभी को चौंकाकर टूर्नामेंट जीता। इस टीम के तेज गेंदबाज सोहेल ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ एक मैच में 14 रन देकर 6 विकेट झटके थे। यह आज तक का सर्वश्रेष्ठ है। हालांकि आईपीएल 2016 में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के फिरकी गेंदबाज एडम जाम्पा ने भी सोहेल का रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। जाम्पा 6 विकेट लेने में तो कामयाब रहे लेकिन 19 रन दे दिए।
आईपीएल में वे 4 रिकॉर्ड जो पिछले 9 सालों से नहीं टूटे
आखिरी रिकॉर्ड बना है मुंबई इंडियंस बनाम केकेआर के बीच। 16 मई 2008 को इन दोनों टीमों के बीच मुकाबले में केकेआर पहले बल्लेबाजी करते हुए 67 रन पर ऑलआउट हो गई। जिसे मुंबई ने महज 33 गेंदों में ही हासिल कर दिया। इस मैच में दोनों टीमों की ओर से कुल 135 रन बने। यह आईपीएल इतिहास में पहला मैच है जिसमें सबसे कम बने।