पिछले कुछ साल में भारतीय टीम के गेंदबाजों के सामने विरोधी बल्लेबाज पस्त नजर आए हैं। टीम इंडिया की पेस बैट्री ने देश और विदेश दोनों ही पिच पर जमकर विकेट चटकाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिनर के साथ तेज गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की। आखिरी दिन मोहम्मद शमी ने धारदार गेंदबाजी कर मेहमान टीम को जल्दी समेट दिया। इस जीत के टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने भारतीय टीम की बॉलिंग की कामयाबी का राज स्टार स्पोर्ट्स से शेयर किया। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इसका राज भी बताया है।
2 of 5
विराट-बुमराह
- फोटो : social media
पिछले कुछ साल में भारतीय टीम के गेंदबाजों के सामने विरोधी बल्लेबाज पस्त नजर आए हैं। टीम इंडिया की पेस बैट्री ने देश और विदेश दोनों ही पिच पर जमकर विकेट चटकाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिनर के साथ तेज गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की। आखिरी दिन मोहम्मद शमी ने धारदार गेंदबाजी कर मेहमान टीम को जल्दी समेट दिया। इस जीत के टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने भारतीय टीम की बॉलिंग की कामयाबी का राज स्टार स्पोर्ट्स से शेयर किया। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इसका राज भी बताया है।
3 of 5
रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : social media
विराट ने गेंदबाजी को लेकर कहा कि हम हमेशा जानते हैं कि दूसरी पारी में जाकर ही खेल निर्णायक होगा। रवींद्र जडेजा और आर अश्विन दोनों ने बहुत शानदार गेंदबाजी की। पहली पारी में अश्विन ने हमें बहुत सही स्थिति में पहुंचाया। पिच सपाट थी और उन्हें कुछ बाउंड्रीज भी मिल गई थीं, लेकिन आपको यह भी मानना होगा कि हमने भी यहां 500 रन बनाए थे, तो पिच में कोई खराबी नहीं थी। ऐसे में सच यह है कि अश्विन ने हमें उस पारी में सात विकेट दिलाए, तो उनका शानदार प्रयासों का नतीजा रहा और दूसरी पारी में जडेजा ने अपने एक ही स्पेल में हमें जल्दी-जल्दी सफलताएं दिलाईं।
तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन को लेकर कोहली ने कहा कि मैं मानता हूं कि वो जो अपने माइंडसेट में परिवर्तन लेकर आए हैं पिछले दो साल में वह शानदार रहा है। शमी, इशांत, जसप्रीत और उमेश ये सभी वो सब जरूरी काम कर रहे, जो खेल में हम उनसे चाहते हैं। गेंद को लेकर विराट ने कहा कि, जब पिछली बार हम घरेलू सीजन खेले थे उसकी तुलना में इस बार की एसजी की गेंद बहुत शानदार है। इसमें कुछ हद तक सुधार किया गया है।
5 of 5
विराट कोहली
- फोटो : सोशल मीडिया
कप्तान कोहली ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि यह गेंद 80 ओवरों तक सख्त बनी रहे। अगर यह 40-45 ओवरों में ही सॉफ्ट होने लगेगी, तो फिर खेल में कुछ होता नहीं दिखेगा। यह स्थिति टेस्ट क्रिकेट के लिए आदर्श नहीं है। सख्त गेंद स्वभाविक रूप से थोड़ा ज्यादा उछलती है। इससे बल्लेबाजों को मुश्किलें आती हैं। हम इसे लगातार होते देखना चाहते हैं। अगर 80 नहीं तो करीब 60 ओवरों तक तो गेंद सख्त रहना ही चाहिए। इससे हम खेल में लगातार बने रहेंगे। यही टेस्ट क्रिकेट का रोमांच है। बॉलर आपकी ओर आते रहते हैं और आपके लिए मुश्किलें खड़ी करते रहते हैं, तब आपको रन बनाने में सक्षम रहना होता है। यही टेस्ट क्रिकेट का असली रोमांच है।