टीम इंडिया को इंग्लैंड के हाथों दूसरे टेस्ट में एक पारी और 159 रन के विशाल अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही टीम इंडिया पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से पीछे हैं। सीरीज का तीसरा टेस्ट 18 अगस्त से नॉटिंघम में खेला जाएगा। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों के लिए वही मौसम और वही मिजाज था। बावजूद इसके टीम इंडिया की करारी हार का जिम्मेदार किसे माना जाय? मौसम या बल्लेबाज। चलिए अगली स्लाइड में गौर करते हैंः
इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट खेलने आई टीम इंडिया की हालत शुरू से ही खराब है। एजबेस्टन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी टीम इंडिया को इंग्लैंड के हाथों 31 रन से हार का सामना करना पड़ा। पहले टेस्ट में भी टीम इंडिया के टॉप और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज फ्लॉप रहे थे, सिर्फ कप्तान विराट को छोड़कर। वहीं, 'क्रिकेट के मक्का' कहे जाने वाले लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भी टीम इंडिया का वहीं हाल हुआ।
दरअसल, लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन के पहले तक टीम इंडिया के बल्लेबाजों के बारे में कहा जा रहा था कि इंग्लैंड की हालात और मौसम ऐसे हैं कि वहां बल्लेबाजी करना काफी कठिन हैं। मगर पहले टेस्ट में तो इस तरह के हालात नहीं थे, बावजूद इसके विराट के अलावा सारे बल्लेबाज टांय-टांय फिस हो गए थे।
लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने टॉस जीतकर टीम इंडिया को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया की पहली पारी 107 रन पर सिमट गई थी। इसके जवाब में इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी 396/7 के स्कोर पर घोषित की। फिर टीम इंडिया की दूसरी पारी 130 रन पर ढेर हुई और इंग्लैंड की बढ़त दोगुनी हो गई।
चौथे दिन इंग्लैंड ने अपनी पारी 357/6 से आगे बढ़ाई। वोक्स ने अपने कल के स्कोर में 17 रन का इजाफा किया। उन्होंने सैम करन (40) के साथ सातवें विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी की और इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। हार्दिक पांड्या ने करन को शमी के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा और तभी इंग्लैंड ने अपनी पारी 396 रन पर घोषित कर दी। इंग्लैंड को 289 रनों की अहम बढ़त मिली। ग्लैंड के ऑलराउंडर क्रिस वोक्स को 137* और कुल चार विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। टीम इंडिया की तरफ से हार्दिक पांड्या और मोहम्मद शमी ने तीन-तीन विकेट लिए। इशांत शर्मा को एक सफलता मिली।