पहले टी-20 मैच में इंडिया आखिरी गेंद पर आकर हार गई। मैच लो-स्कोरिंग था और आखिरी गेंद तक चल गया। कभी भारत हावी होता तो एकदम से ऑस्ट्रेलिया पलटवार करता फिर भारतीय टीम की वापसी होती तो फिर कंगारू वापसी कर जाते।
हार की 5 अहम बातें, टीम इंडिया ने नहीं सीखी तो सीरीज जीत जाएगी ऑस्ट्रेलिया
कोहली के आउट होने के बाद गिरा रनरेट
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फिंच ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। तीसरे ही ओवर में बेहरनडॉर्फ ने रोहित शर्मा (05)को आउट कर दिया। राहुल ने कप्तान विराट कोहली (24) के साथ मिलकर 55 रन जोड़े। पावरप्ले के पहले छह ओवरों में भारतीय टीम ने 49 रन बनाए थे लेकिन लेग स्पिनर जांपा की गेंद पर कोहली के आउट होने के बाद भारतीय टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत (03), दिनेश कार्तिक (01), क्रुणाल पंड्या (01) के अलावा अर्द्धशतक लगाने वाले लोकेश राहुल भी आउट हो गए।
अंतिम दस ओवर्स में पिछड़ी टीम इंडिया
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज को विश्व कप तैयारियों के रूप में ले रही भारतीय टीम पहले टी-20 में बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। टीम में वापसी करने वाले सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल (50) के अर्द्धशतकीय योगदान के अलावा धोनी ने नाबाद 29 और कप्तान कोहली ने 24 रन बनाए। अंतिम दस ओवरों में भारतीय टीम ने 46 रन बनाए और चार विकेट गंवाए। भारतीय टीम की धीमी रनगति का यह आलम था कि दसवें ओवर से लेकर 19.2 ओवर तक एक बाउंड्री नहीं लगी थी।
बुमराह की मेहनत पर पानी फिरा
इस मैच में टी-20 प्रारूप में अपने 50 विकेट पूरे करने वाले बुमराह (3/16) की मेहनत व्यर्थ चली गई। अंतिम दो ओवरों में ऑस्ट्रेलिया को 16 रन चाहिए थे तब कप्तान कोहली ने बुमराह पर फिर भरोसा जताया जिन्होंने इस ओवर में महज दो रन पर दो विकेट लेकर मैच को रोमांचक बना दिया था। इससे पहले बुमराह ने मेहमान कप्तान आरोन फिंच को तीसरे ओवर में बिना खाता खोले एलबीडब्ल्यू किया था।
उमेश ने अंतिम ओवर में लुटाए 14 रन
अंतिम ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस (07*) और रिचर्डसन (07*) पर उमेश अंकुश नहीं लगा सके। दूसरी और पांचवीं गेंद पर चौका देने वाले उमेश की अंतिम गेंद पर कमिंस ने जरूरी दो रन लेकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी।