भारतीय कप्तान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर उनके नाम पर एक स्टैंड का नाम रखे जाने पर गदगद हुए। वह अपने सफर को याद करते हुए भावुक हो गए और उन्हें इस कदम को अवास्तविक अहसास करार दिया। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने हाल ही में वार्षिक आम बैठक के दौरान रोहित के नाम पर एक स्टैंड करने का फैसला किया था। रोहित मुंबई के ही रहने वाले हैं और उन्होंने इस स्टेडियम पर कई यादगार पारियां खेली हैं।
एमसीए ने लिया था फैसला
एमसीए ने रोहित के अलावा पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और आईसीसी के चेयरमैन शरद पवार के नाम पर एक स्टैंड का नाम रखने की घोषणा की थी। वानखेड़े स्टेडियम में दिवेचा पवेलियन के लेवल तीन का नाम रोहित के नाम पर रखा जाएगा। भारत ने रोहित की कप्तानी में टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीत है।
रोहित ने शुरुआती दिनों को याद किया
रोहित ने कहा, जब कोई क्रिकेट खेलना शुरू करता है तो कोई इस तरह की चीजों का सपना नहीं देखता है। मुझे अभी भी वे दिन याद हैं जब मैं मुंबई रणजी ट्रॉफी टीम का अभ्यास देखने के लिए वानखेड़े स्टेडियम के बाहर खड़ा रहता था। मैं 2004 या शायद 2003 की बात कर रहा हूं। हम आजाद मैदान में अपनी अंडर-14, अंडर-16 की ट्रेनिंग पूरी करते थे। मैं अपने कुछ दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक पार करके रणजी ट्रॉफी के कुछ क्रिकेटरों की एक झलक पाने के लिए जाता था।
रोहित ने कहा, मुझे पता है कि उस समय वानखेड़े स्टेडियम के अंदर जाना कितना मुश्किल था। अब भी, जाहिर है, किसी भी अजनबी लोगों को स्टेडियम के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी, लेकिन वो दिन भी अच्छे थे। अब, बैठकर यह सोचना कि मेरे नाम पर एक स्टेडियम स्टैंड होने जा रहा है, यह एक अवास्तविक अहसास है। यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था और मैं अपने जीवन में इस बड़े सम्मान के लिए हमेशा आभारी रहूंगा।