भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज अब अपने चरम की तरफ बढ़ रही है। इस सीरीज का अंतिम मुकाबला एक नवंबर से वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। रोहित शर्मा की सेना शुरुआती दो मुकाबले गंवाकर पहले ही इस सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी है। अब टीम का लक्ष्य न्यूजीलैंड को क्लीनस्वीप से रोकना होगा।
पिछले मैच में हावी रहे स्पिन गेंदबाज
तीसरे टेस्ट के लिए दोनों टीमें मुंबई पहुंच चुकी है। बुधवार को भारतीय टीम ने वानखेड़े में जमकर पसीना बहाया। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों को स्पिन के खिलाफ अधिक जोर लगाते देखा गया था। दरअसल, पिछले दो मैचों में न्यूजीलैंड के स्पिन गेंदबाज रोहित-विराट जैसे दिग्गजों पर हावी दिखे जिसकी वजह से मेजबानों को यह सीरीज गंवानी पड़ी।
ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले किसी भी सूरत में करनी होगी वापसी
भारत को हर हाल में इस मुकाबले में अपनी वापसी सुनिश्चित करनी होगी। इस सीरीज के तुरंत बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी, जहां उन्हें पांच मैचों की टेस्ट सीरीज (बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी) खेलनी है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को छह में से चार मैच हर हाल में जीतने हैं।
अभ्यास नेट पर अतिरिक्त सफेद लाइन खींची गई
टीम प्रबंधन भी तीसरे टेस्ट में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है। नेट सत्र से पहले प्रबंधन ने मैदानकर्मियों को चार अभ्यास नेट पर अतिरिक्त सफेद लाइन खींचने के लिए कहा। ऐसा आम तौर पर इसलिए किया जाता है जिससे कि बल्लेबाजों को गेंद की लाइन और लेंथ की जानकारी रहे।
इस परेशानी का ढूंढना होगा हल
मालूम हो कि बंगलूरू में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने सटीक लाइन और उछाल लेती गेंदों के खिलाफ घुटने टेक दिए थे। ऐसा ही हाल पुणे में भी देखने को मिला, जब रोहित-विराट जैसे अनुभवी बल्लेबाज मिचेल सैंटनर के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाए। कीवी गेंदबाज ने दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में कुल 13 विकेट हासिल किए थे।