भारतीय टीम पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास को पीछे छोड़त हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में उतरेगी। दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 1-1 की बराबरी पर चल रही है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन के गाबा में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था और अब रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम की नजरें 26 दिसंबर से होने वाले चौथे टेस्ट के दौरान मेलबर्न पर जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त हासिल करने पर टिकी होंगी।
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डब्ल्यूटीसी अंक तालिका
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डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिहाज से अहम है मुकाबला
भारत को अगर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में जगह बनानी है तो उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले दोनों मुकाबले जीतने होंगे। इस सीरीज में एक और हार उसके लिए डब्ल्यूटीसी फाइनल के दरवाजे बंद कर देगी। भारत ने विपरीत परिस्थितियों में जिस तरह तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ कराया उससे टीम के हौसले बढ़े हुए होंगे। भारत अगर चौथा मैच जीतने में सफल रही तो सीरीज गंवाने से बच जाएगी और 2-1 की बढ़त हासिल कर लेगी।
एमसीजी में भारत का पलड़ा भारी
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में भारत का पलड़ा ऑस्ट्रेलिया पर भारी है। पिछले 10 वर्षों में टेस्ट में यह ग्राउंड भारत के लिए अजेय किला बना हुआ है। भारतीय टीम ने इस मैदान पर 2014 से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुल तीन मुकाबले खेले हैं और उसे दो में जीत मिली है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है। वहीं, पैट कमिंस की अगुआई वाली टीम पिछले 10 वर्षों में एमसीजी पर भारत के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर सकी है। यह आंकड़े भारत के लिए राहत देने वाले हैं क्योंकि टीम की नजरें बढ़त हासिल करने पर टिकी हुई हैं।
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भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : अमर उजाला
रोहित के पास कोहली-रहाणे की सूची में शामिल होने का मौका
पिछले 10 वर्षों में भले ही एमसीजी में भारत ने सफलताएं हासिल की है, लेकिन ओवरऑल इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया का ही दबदबा रहा है। 1948 से 2020 तक भारत ने इस ग्राउंड पर 14 टेस्ट मैच खेले हैं और उसे चार में ही जीत मिली है, जबकि आठ मुकाबले भारत ने गंवाए हैं और दो ड्रॉ रहे हैं। वहीं, सिर्फ चार ही भारतीय कप्तान ऐसे हैं जिन्होंने एमसीजी में टेस्ट मैच जीते हैं और रोहित के पास इस सूची में शामिल होने का मौका रहेगा। एमसीजी में अब तक बिशन सिंह बेदी, सुनील गावस्कर, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने ही अपनी कप्तानी में भारत को टेस्ट में जीत दिलाई है।
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जसप्रीत बुमराह
- फोटो : ICC
बुमराह के पास कुंबले को पीछे छोड़ने का मौका
भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के पास भी एमसीजी में उपलब्धि हासिल करने का मौका रहेगा। बुमराह और अनिल कुंबले एमसीजी में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। दोनों के नाम फिलहाल इस मैदान पर एक समान 15-15 विकेट हैं। बुमराह अगर मैच में एक विकेट भी हासिल कर लेते हैं तो वह एमसीजी में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे और कुंबले को पीछे छोड़ देंगे। बुमराह और कुंबले के अलावा कपिल ने इस मैदान पर 14 विकेट, रविचंद्रन अश्विन ने 14 और उमेश यादव ने 13 विकेट झटके हैं।