पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान मौजूदा समय के बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। रिजवान फिलहाल बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में खेल रहे हैं। उन्होंने पहले टेस्ट की पहली पारी में नाबाद 171 रन की बेहतरीन पारी खेली थी और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। वह 2009 में कामरान अकमल के बाद किसी टेस्ट पारी में 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले अपने देश के पहले विकेटकीपर बने। वर्ल्ड क्लास क्रिकेटर होने के अलावा रिजवान अपनी ऑन-फील्ड हरकतों के लिए भी मशहूर हैं। बीच मैच में बल्लेबाजी करते-करते अचानक 'नकली ऐंठन' की समस्या से लेकर विकेट के पीछे लगातार बेवजह अपील करने तक, रिजवान अंपायरों के लिए थोड़ा कठिनाई खड़ी करते हैं।
रिजवान की इसी बेवजह अपील करने से कई अंपायर उनसे नाराज रहते हैं। इन्हीं में से एक हैं भारत के अंपायर अनिल चौधरी। उनका कहना है कि रिजवान चाहें जितनी अपील करें, लेकिन अब उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह उनकी हरकतों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट में अनिल चौधरी ने स्टंप के पीछे से रिजवान की अपील का जिक्र करते हुए उनकी तुलना कबूतर से की। 59 वर्षीय अनिल चौधरी ने यह भी कहा कि साथी अंपायर रिजवान के खिलाफ अंपायरिंग करते समय दबाव में न आएं।
अनिल चौधरी ने कहा- हां, मैंने पिछले साल एशिया कप में रिजवान के सामने अंपायरिंग की थी। रिजवान हर बात पे अपील करते हैं। लेकिन वह ऐसा करते रहें। मैंने दूसरे अंपायर को बोला की ये बहुत अपील करता है ध्यान रखना। वो कबूतर की तरह कूदता रहता है इधर से उधर। दूसरे अंपायर ने मुझसे कहा 'मैं आउट देने ही वाला था, लेकिन आपने बोला था तो मुझे याद आ गया। क्या यह खिलाड़ी वो नहीं है जो लिपस्टिक की तरह कुछ लगाता है।'
अनिल चौधरी रिजवान और अन्य विकेटकीपरों को भी चेतावनी दी कि वे अनावश्यक अपील न करें, नहीं तो अंपायर सही कॉल भी नहीं देंगे। उन्होंने कहा, 'अगर अंपायर अच्छा है तो वह विकेटकीपर के बेवजह अपील करने को पकड़ लेंगे। जितने भी विकेटकीपर्स हैं सुन लें, फालतू की अपील करेंगे तो जो आउट होगा वह भी नही मिलेगा।'