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ऐसी हरकतें पड़ेंगी खिलाड़ियों पर भारी, अंपायर दिखाएगा बाहर का रास्ता
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Thu, 25 May 2017 11:18 PM IST
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ICC
- फोटो : ICC
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चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन से एक सप्ताह पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(आईसीसी) क्रिकेट कमेटी की सालाना बैठक लंदन में 23-24 मई को आयोजित की गई। अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली क्रिकेट कमेटी ने क्रिकेट के नियमों बदलाव से संबंधित कई अहम निर्णय लिए। यदि आईसीसी की एग्जूक्यूटिव कमेटी क्रिकेट कमेटी के सुझावों पर मुहर लगा देती है तो नए नियम एक अक्टूबर 2017 से लागू हो जाएंगे।
ऐसी हरकतें पड़ेंगी खिलाड़ियों पर भारी, अंपायर दिखाएगा बाहर का रास्ता
ग्रे निकोल्स
- फोटो : official web
सीमित होगी बल्ले की मोटाई
क्रिकेट में बल्ले की बढ़ती धमक को ध्यान में रखते हुए बल्ले की चौड़ाई, मोटाई और लंबाई को सीमित करने पर बैठक में सहमति बनी। अब खिलाडी़ बल्ले को मनमाने ढंग से मोटा नहीं रख सकते।
तीसरा अंपायर दे सकेगा नो बॉल
पिछले साल इंग्लैंड पाकिस्तान के बीच खेली गई एकदिवसीय सीरीज के दौरान नो बॉल के संबंध में हुए ट्रायल्स के अनुरूप तीसरा अंपायर हर गेंद को एक्शन रीप्ले के आधार पर नो बॉल करार दे सकता है। तीसरा अंपायर नो-बॉल, रन आउट और स्टंपिंग के लिए उपयोग होने वाले कैमरों की मदद से इस बात पर नजर रखेंगे कि गेंदबाज का पैर क्रीज से बाहर तो नहीं है। इसके अलावा क्रीज से पैर आगे निकलकर की जाने वाले नो बॉल की तरह कमर के ऊपर की फुल टॉस को माना जाएगा।
क्रिकेट में बल्ले की बढ़ती धमक को ध्यान में रखते हुए बल्ले की चौड़ाई, मोटाई और लंबाई को सीमित करने पर बैठक में सहमति बनी। अब खिलाडी़ बल्ले को मनमाने ढंग से मोटा नहीं रख सकते।
तीसरा अंपायर दे सकेगा नो बॉल
पिछले साल इंग्लैंड पाकिस्तान के बीच खेली गई एकदिवसीय सीरीज के दौरान नो बॉल के संबंध में हुए ट्रायल्स के अनुरूप तीसरा अंपायर हर गेंद को एक्शन रीप्ले के आधार पर नो बॉल करार दे सकता है। तीसरा अंपायर नो-बॉल, रन आउट और स्टंपिंग के लिए उपयोग होने वाले कैमरों की मदद से इस बात पर नजर रखेंगे कि गेंदबाज का पैर क्रीज से बाहर तो नहीं है। इसके अलावा क्रीज से पैर आगे निकलकर की जाने वाले नो बॉल की तरह कमर के ऊपर की फुल टॉस को माना जाएगा।
ऐसी हरकतें पड़ेंगी खिलाड़ियों पर भारी, अंपायर दिखाएगा बाहर का रास्ता
डिसीजन रिव्यू
- फोटो : Bcci
टी-20 मैचों में होगा डीआरएस का इस्तेमाल
अब सभी अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में डीआरएस यानी डिसीजन रिव्यू सिस्टम के उपयोग मंजूरी मिल सकती है। समिति ने इससे संबंधित प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है।
अपायर्स कॉल पर नहीं खत्म होगा रिव्यू
इसके अलावा कमेटी ने सुझाव दिया कि यदि एलबीडब्ल्यू का निर्णय अंपायर्स कॉल पर लिया जाए तो टीम रिव्यू का मौका नहीं खोएगी। यदि अनुशंसा को सहमति मिल जाती है तो 80 ओवर बाद मिलने वाला रिव्यू टॉप अप खत्म हो जाएगा।
अब सभी अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में डीआरएस यानी डिसीजन रिव्यू सिस्टम के उपयोग मंजूरी मिल सकती है। समिति ने इससे संबंधित प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है।
अपायर्स कॉल पर नहीं खत्म होगा रिव्यू
इसके अलावा कमेटी ने सुझाव दिया कि यदि एलबीडब्ल्यू का निर्णय अंपायर्स कॉल पर लिया जाए तो टीम रिव्यू का मौका नहीं खोएगी। यदि अनुशंसा को सहमति मिल जाती है तो 80 ओवर बाद मिलने वाला रिव्यू टॉप अप खत्म हो जाएगा।
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ऐसी हरकतें पड़ेंगी खिलाड़ियों पर भारी, अंपायर दिखाएगा बाहर का रास्ता
रियो ओलंपिक
- फोटो : getty
ओलंपिक में शामिल हो क्रिकेट
समिति ने एकमत से टेस्ट क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन किए जाने पर सहमति जताई, इसके अलावा कमेटी ने क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल किए जाने की इच्छा जाहिर की।
चोटिल खिलाड़ी की जगह खेलेगा सब्सटीट्यूट
कमेटी चोटिल खिलाड़ी की जगह दूसरे खिलाड़ी (कन्कशन सब्स्टीट्यूट) को टीम में शामिल करने के लिए दो साल के ट्रायल को मंजूरी दी है। इस दौरान घरेलू क्रिकेट में अंतिम ग्यारह में चोटिल खिलाड़ी की जगह दूसरे खिलाड़ी को खेलने की अनुमति दी जाएगी।
समिति ने एकमत से टेस्ट क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन किए जाने पर सहमति जताई, इसके अलावा कमेटी ने क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल किए जाने की इच्छा जाहिर की।
चोटिल खिलाड़ी की जगह खेलेगा सब्सटीट्यूट
कमेटी चोटिल खिलाड़ी की जगह दूसरे खिलाड़ी (कन्कशन सब्स्टीट्यूट) को टीम में शामिल करने के लिए दो साल के ट्रायल को मंजूरी दी है। इस दौरान घरेलू क्रिकेट में अंतिम ग्यारह में चोटिल खिलाड़ी की जगह दूसरे खिलाड़ी को खेलने की अनुमति दी जाएगी।
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ऐसी हरकतें पड़ेंगी खिलाड़ियों पर भारी, अंपायर दिखाएगा बाहर का रास्ता
अनिल कुंबले
- फोटो : twitter
क्रिकेट समिति के अध्यक्ष अनिल कुंबले ने कहा, पिछले कुछ दिन बेहद बेहतरीन थे, इस दौरान हमने क्रिकेट से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। जिसमें कई बड़े बदलावों की बात थी जिनपर आम सहमति बनी है। कुंबले वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के कोच भी हैं, उन्होंने कहा कि डीआरएस साल 2008 में लागू होने के बाद से समय के साथ बेहतर हुआ है। पहले इसके उपयोग को लेकर मतभेद थे और बीसीसीआई इसके विरोध में था।
कुंबले ने कहा, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के भारत दौरे के समय टीम इंडिया ने डीआरएस को प्रायोगिक तौर पर लागू किया। दोनों ही सीरीज में हमें डीआरएस को लेकर सफलता मिली, हम इसके परिणाम से बेहद संतुष्ट हैं और डीआरएस के इस्तेमाल को लेकर सहज हो गए हैं।
कुंबले ने कहा, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के भारत दौरे के समय टीम इंडिया ने डीआरएस को प्रायोगिक तौर पर लागू किया। दोनों ही सीरीज में हमें डीआरएस को लेकर सफलता मिली, हम इसके परिणाम से बेहद संतुष्ट हैं और डीआरएस के इस्तेमाल को लेकर सहज हो गए हैं।