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तीसरे स्थान पर बल्लेबाजी को लेकर क्या बोले पडिक्कल?: राहुल द्रविड़ के साथ किस चीज को लेकर की चर्चा, खुद बताया
Mon, 07 Sep 2026 08:04 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 07 Sep 2026 08:04 PM IST
सार
भारतीय टीम के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल का कहना है कि टेस्ट टीम में जगह पक्की करना आसान नहीं है और मौके भी सीमित मिलते हैं। यही कारण है कि वह किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले रहे हैं।
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देवदत्त पडिक्कल
- फोटो : BCCI
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विस्तार
भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने अपने टेस्ट कमबैक पर खुलकर बात करते हुए कहा कि वह खुद को मौका मिलने पर पूरी तरह तैयार रहने के लिए दृढ़ संकल्पित थे। उन्होंने कहा कि वह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलने की खबर मिलने पर वह काफी रोमांचित थे। श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 1-0 से टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी। पडिक्कल को इस सीरीज में चोटिल साई सुदर्शन की जगह तीसरे स्थान पर बल्लेबादी का मौका मिला था। पडिक्कल ने खुद को मिले इस मौके का पूरा फायदा उठाया और सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया।
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श्रीलंका के खिलाफ दमदार रहा प्रदर्शन
कर्नाटक के साथ एक बेहतरीन घरेलू सत्र और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की लगातार आईपीएल खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद पडिक्कल ने अपनी इस फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी जारी रखा। वह तीन पारियों में 109 से अधिक के औसत से 328 रन बनाकर सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (प्लेयर ऑफ द सीरीज) रहे। उन्होंने दो शतक भी जड़े, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 167 रन रहा।
कर्नाटक के साथ एक बेहतरीन घरेलू सत्र और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की लगातार आईपीएल खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद पडिक्कल ने अपनी इस फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी जारी रखा। वह तीन पारियों में 109 से अधिक के औसत से 328 रन बनाकर सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (प्लेयर ऑफ द सीरीज) रहे। उन्होंने दो शतक भी जड़े, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 167 रन रहा।
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देवदत्त पडिक्कल
- फोटो : IANS
पडिक्कल बोले- मौके की तलाश में था
पडिक्कल ने कहा कि टेस्ट में मौके आसानी से नहीं मिलते और इसके लिए निरंतर कड़ी मेहनत और तैयारी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से मैं इसका इंतजार कर रहा था। जाहिर है कि ऐसे मौके बहुत आसानी से नहीं मिलते। यह सुनिश्चित करने में बहुत मेहनत लगती है कि आप खुद में लगातार सुधार करते रहें और उस अवसर का इंतजार करें। मुझे यह सुनिश्चित करना था कि जब भी मुझे मौका मिले, मैं उसके लिए तैयार रहूं। सीरीज की शुरुआत में ही मुझे बता दिया गया था कि मैं खेलने जा रहा हूं ये बेहद रोमांचक था। व्यक्तिगत रूप से मुझे लगा कि बल्लेबाजी के लिहाज से मैं अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हूं इसलिए मैं वास्तव में इसकी प्रतीक्षा कर रहा था।
पडिक्कल ने भारत के लिए नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने के बारे में भी बात की। यह एक ऐसा स्थान है जिस पर राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे टेस्ट महान खिलाड़ियों बल्लेबाजी की है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि उनका ध्यान पूर्व खिलाड़ियों से तुलना करने के बजाय टीम में योगदान देने पर है। पडिक्कल ने कहा, यह मैदान पर जाकर बल्लेबाजी करने के बारे में है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं किस क्रम पर बल्लेबाजी कर रहा हूं। मैं टीम में योगदान देने की कोशिश कर रहा हूं। हां, जाहिर है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के लिए नंबर 3 पर महान खिलाड़ी खेले हैं और मुझे यकीन है कि मेरे साथ तुलना की जाएगी। लेकिन मैं वहां जाकर सिर्फ अपना क्रिकेट खेल रहा हूं और जब तक मैं उसका आनंद ले रहा हूं मुझे लगता है कि सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा।
पडिक्कल ने कहा कि टेस्ट में मौके आसानी से नहीं मिलते और इसके लिए निरंतर कड़ी मेहनत और तैयारी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से मैं इसका इंतजार कर रहा था। जाहिर है कि ऐसे मौके बहुत आसानी से नहीं मिलते। यह सुनिश्चित करने में बहुत मेहनत लगती है कि आप खुद में लगातार सुधार करते रहें और उस अवसर का इंतजार करें। मुझे यह सुनिश्चित करना था कि जब भी मुझे मौका मिले, मैं उसके लिए तैयार रहूं। सीरीज की शुरुआत में ही मुझे बता दिया गया था कि मैं खेलने जा रहा हूं ये बेहद रोमांचक था। व्यक्तिगत रूप से मुझे लगा कि बल्लेबाजी के लिहाज से मैं अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हूं इसलिए मैं वास्तव में इसकी प्रतीक्षा कर रहा था।
पडिक्कल ने भारत के लिए नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने के बारे में भी बात की। यह एक ऐसा स्थान है जिस पर राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे टेस्ट महान खिलाड़ियों बल्लेबाजी की है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि उनका ध्यान पूर्व खिलाड़ियों से तुलना करने के बजाय टीम में योगदान देने पर है। पडिक्कल ने कहा, यह मैदान पर जाकर बल्लेबाजी करने के बारे में है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं किस क्रम पर बल्लेबाजी कर रहा हूं। मैं टीम में योगदान देने की कोशिश कर रहा हूं। हां, जाहिर है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के लिए नंबर 3 पर महान खिलाड़ी खेले हैं और मुझे यकीन है कि मेरे साथ तुलना की जाएगी। लेकिन मैं वहां जाकर सिर्फ अपना क्रिकेट खेल रहा हूं और जब तक मैं उसका आनंद ले रहा हूं मुझे लगता है कि सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा।
राहुल द्रविड़ से किस बारे में की थी बात?
पडिक्कल ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी और क्रीज पर लंबे समय तक टिके रहने के महत्व के बारे में पूर्व भारतीय मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के साथ कई बार बातचीत की है। पडिक्कल ने कहा, मैंने पिछले कुछ वर्षों में उनसे (द्रविड़) बल्लेबाजी और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने के लिए क्या करना होता है इस बारे में काफी बातचीत की है। फिर बात तैयारी और यह समझने पर आती है कि आप क्या करना चाहते हैं। जब आपके दिमाग में अपनी योजनाओं को लेकर स्पष्टता होती है और आप जानते हैं कि मैदान पर जाकर आपको क्या करना है तो इससे काफी मदद मिलती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस स्थान पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। मेरे और उनके बीच मुख्य रूप से इन्हीं चीजों को लेकर बातचीत हुई है।
पडिक्कल ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी और क्रीज पर लंबे समय तक टिके रहने के महत्व के बारे में पूर्व भारतीय मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के साथ कई बार बातचीत की है। पडिक्कल ने कहा, मैंने पिछले कुछ वर्षों में उनसे (द्रविड़) बल्लेबाजी और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने के लिए क्या करना होता है इस बारे में काफी बातचीत की है। फिर बात तैयारी और यह समझने पर आती है कि आप क्या करना चाहते हैं। जब आपके दिमाग में अपनी योजनाओं को लेकर स्पष्टता होती है और आप जानते हैं कि मैदान पर जाकर आपको क्या करना है तो इससे काफी मदद मिलती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस स्थान पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। मेरे और उनके बीच मुख्य रूप से इन्हीं चीजों को लेकर बातचीत हुई है।