कपिल देव की कप्तानी में भारत ने पहली बार विश्व कप जीता था। 1983 में यह खिताब दिलाने वाले कपिल दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में शुमार हैं। निचले क्रम में धुंआधार बल्लेबाजी करने वाले कपिल देव ने बॉलिंग ने भी कई दफा कमाल दिखाया है। कपिल की गिनती भारत के ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे सफल गेंदबाजों में होती है।
जानिए कैसे बने कपिल देव दुनिया के सबसे सफल गेंदबाज
1994 में कपिल ने नया इतिहास लिखा। कपिल देव दुनिया के सबसे सफल गेंदबाज बने। 8 फरवरी 1994 को उन्होंने न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर रिचर्ड हेडली के 431 टेस्ट विकेटों का रिकॉर्ड तोड़ा। इस कैच के बाद जश्न का अलग ही माहौल रहा। मैदान में 432 गुब्बार हवा में छोड़े गए और सभी दर्शकों ने मिनटों तक तालियों के साथ कपिल का अभिवादन किया।
जानिए कैसे बने कपिल देव दुनिया के सबसे सफल गेंदबाज
इसके विकेट के बाद दूरदर्शन ने मैच का प्रसारण रोक कर कपिल देव के सम्मान में एक खास गाना भी बजाया, जिसके बोले थे, ‘हकीकत है ये ख्वाब नहीं, कपिल देव का जवाब नहीं।’ करियर के अंत कपिल देव ने 434 विकेट अपने नाम किए। 6 साल तक यह रिकॉर्ड उनके नाम रहा, 2000 में वेस्ट इंडीज के गेंदबाज कार्टनी वाल्श ने तोड़ा। कैसे कपिल देव ने गेंद से लिखा इतिहास का एक अलग अध्याय:
जानिए कैसे बने कपिल देव दुनिया के सबसे सफल गेंदबाज
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प्रमोद्या विक्रमसिंघे
- फोटो : ESPN
430वां विकेट – प्रमोद्या विक्रमसिंघे
श्रीलंका के खिलाफ बेंगलुरु में दूसरे टेस्ट में तेज गेंदबाज प्रमोद्या विक्रमसिंघे को आउटकर कपिल देव ने अपने करियर की 430 विकेट पूरे किए। इस विकेट के बाद कपिल रिचर्ड हेडली के रिकॉर्ड की बराबरी करने से सिर्फ एक कदम दूर थे।
जानिए कैसे बने कपिल देव दुनिया के सबसे सफल गेंदबाज
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डॉन अनुरासिरी
- फोटो : Getty Images
431वां विकेट – डॉन अनुरासिरी
बेंगलुरु के इसी मैच में कपिल देव ने डॉन अनुरासिरी को आउट कर न सिर्फ श्रीलंका की पारी समेटी, बल्कि भारत को पारी औ 95 रनों से जीत भी दिलाई। इस विकेट ने कपिल देव को रिचर्ड हेडली के बराबर ला खड़ा किया और वो रिकॉर्ड तोड़ने की दहलीज पर पहुंग गए।