80 के दशक में सुनील गावस्कर ने परिभाषित किया कि खेल को किस अंदाज में खेलना चाहिए और उन्होंने जेंटलमैन गेम कहे जाने वाले क्रिकेट में अपनी अलग छवि बनाई। शानदार टाइमिंग के साथ शॉट खेलना और बहादुरी का भार रखने वाले लिटिल मास्टर ने गेंदबाजों को अपना सिर पकड़ने पर मजबूर किया क्योंकि गावस्कर की बल्लेबाजी उन्हें असहाय कर देती थी।
गावस्कर की एक और खास बात यह रही, जिसकी अभी भी फैंस तारीफ करते हैं, वो यह है कि उन्होंने बल्लेबाजी करते समय कभी हेलमेट नहीं पहना। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि उस युग में माइकल होल्डिंग, सर एंडी रॉबर्ट्स, माल्कोम मार्शल, सर रिचर्ड हेडली, डेनिस लिलि आदि जैसे दिग्गज गेंदबाज थे, कोई यही सोचेगा कि गावस्कर मे इतना साहस कहां से आया।
गावस्कर ने इसका खुलासा किया, लेकिन बेहद मजाकिया अंदाज में। एक मस्तीभरे इंटरव्यू में गावस्कर से पूछा गया कि आपने कभी हेलमेट क्यों नहीं पहना? 'लिटिल मास्टर' ने बड़े मस्तीभरे अंदाज में जवाब दिया, 'सिर में कुछ सुरक्षित रखने के लिए था ही नहीं।'
क्रिकेटर्स भले ही मैदान में एक-दूसरे के चिर-प्रतिद्वंद्वी हो, लेकिन मैदान के बाहर कई क्रिकेटर्स के बीच काफी अच्छी दोस्ती है। गावस्कर के ऐसे ही एक शुभचिंतक हैं पाकिस्तान के महान ऑलराउंडर इमरान खान। इमरान खान ने कई बार गावस्कर को हेलमेट पहनने की सलाह दी, लेकिन भारतीय बल्लेबाज ने कभी उनकी बात नहीं मानी।
गावस्कर ने कहा, 'सच बोलूं तो मैंने कभी इसके बारे में नहीं सोचा। मुझे हमेशा हेलमेट पहनने के लिए इमरान खान ने कहा। वह बोलता था, माचो बनने की जरूरत नहीं है। सिर्फ एक गेंद सब खींच ले जाएगी। मेरे पास एक हेलमेट रखा था। वह मेरे साथ किट बैग में तीन साल तक यात्रा करता रहा। मगर मैंने कभी इसका इस्तेमाल नहीं किया।'