टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ ओपनर गौतम गंभीर ने हाल ही में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। अपने आक्रामक व्यवहार के लिए लोकप्रिय गंभीर का भारतीय क्रिकेट में उम्दा योगदान रहा। न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में खेली 137 रन की पारी आज भी फैंस के दिमाग में तरोताजा है। यही नहीं, वर्ल्ड टी20 फाइनल और 2011 विश्व कप फाइनल में गंभीर की पारियां कोई भुला नहीं सकता। बहरहाल, संन्यास की घोषणा के बाद यह कयास लगाए जाने लगे थे कि गंभीर राजनीति में अपनी दूसरी पारी का आगाज कर सकते हैं।
आंध्र के खिलाफ अपने करियर का आखिरी मैच खेल रहे गंभीर ने राजनीति में आने की खबरों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे राजनीति से नहीं जुड़ेंगे। दरअसल, गंभीर ने अचानक संन्यास की घोषणा की और इससे पहले उन्होंने दो ट्वीट करके दिल्ली सरकार पर निशाना साधा, जिसके बाद प्रतीत होने लगा कि वह राजनीति में प्रवेश करने जा रहे हैं।
मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक गंभीर ने राजनीति में आने की खबरों को बकवास करार दिया है। यह पूछने पर कि आप लोकसभी सीट के लिए भाजपा से जुड़ने जा रहे हैं? तो 37 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा, 'यह अफवाह है। मुझे नहीं पता कि कौन इसकी शुरुआत करता है।' बता दें कि हाल ही में खबर आई थी कि गंभीर ने राजनीति में आने का मन बनाया हैं। तब उनसे पूछा गया कि राजनीति के मैदान में उतरेंगे तो उन्होंने कहा था कि का मिलता है तो देश की सेवा जरूर करना चाहिए।
टीम इंडिया के लिए 58 टेस्ट और 147 वन-डे खेलने वाले गंभीर ने राजनीति के सवाल पर कहा था कि यदि देश सेवा का मौका मिलता है तो बेहतर है कि राजनीति में जाना चाहिए। यदि मुझे मौका मिला तो मैं रबर स्टाम्प नहीं बनूंगा। अब गंभीर का राजनीति में आने को बकवास करार देना समझ से परे हैं। बहरहाल, क्रिकेटर खुद ही बेहतर फैसला कर पाएंगे कि वह राजनीति में एंट्री करेंगे या नहीं।
गौरतलब है कि गौतम गंभीर ने अभी तक 58 टेस्ट मैच खेलने के साथ 147 वन-डे और 37 टी-20 मैच भी खेले है। टेस्ट मैच में उन्होंने 4154 रन बनाए हैं, जिनमें 9 शतक और 22 अर्द्धशतक शामिल हैं। वन-डे मैच में उन्होंने 5238 रन बनाए हैं, जिनमें 11 शतक और 34 अर्द्धशतक शामिल है। वहीं टी-20 फॉर्मेट में उन्होंने कोई शतक नहीं जबकि 7 अर्द्धशतक लगाए हैं।