बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आईसीसी अध्यक्ष जय शाह की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि उनके बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटने के बाद भी कभी-कभी उनसे मुलाकात हो जाती है। गांगुली जब बीसीसीआई के अध्यक्ष थे, तब जय शाह बोर्ड सचिव हुआ करते थे। हालांकि, अब वह आईसीसी के अध्यक्ष बन चुके हैं। वहीं, गांगुली आईसीसी की क्रिकेट समिति के अध्यक्ष हैं।
2 of 8
गांगुली और जय शाह
- फोटो : ANI
गांगुली ने खुलासा किया कि उन्हें जय शाह से ‘एक खास तरह की सख्ती और जिद्दीपन की उम्मीद थी, लेकिन वह उनकी ईमानदारी और चीजों को व्यवस्थित करने के तरीके से प्रभावित थे। गांगुली और शाह अक्तूबर 2019 से सितंबर 2022 तक दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड में सहकर्मी रहे थे। यह कोविड-19 महामारी का दौर था जिसके कारण कुछ महीनों के लिए खेल गतिविधियां ठप्प पड़ गई थीं।
3 of 8
गांगुली और जय शाह
- फोटो : ANI
गांगुली ने एक इंटरव्यू में कहा, 'जय शाह काम करने का अपना तरीका था, लेकिन उनके बारे में सबसे अच्छी बात यह थी कि वह भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए चीजों को सही तरह से व्यवस्थित करना चाहते थे। देखिए, उनके पास ताकत थी, समर्थन था, इसलिए आप उनसे एक खास तरह की सख्ती और जिद्दीपन की उम्मीद करते थे, लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए काफी कुछ किया।'
4 of 8
गांगुली और जय शाह
- फोटो : ANI
यह पहला अवसर था जबकि गांगुली और शाह दोनों बीसीसीआई में एक साथ किसी पद पर थे। इससे पहले गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जबकि शाह गुजरात क्रिकेट संघ में पदाधिकारी थे। गांगुली की जगह 2022 में एक अन्य पूर्व टेस्ट खिलाड़ी रोजर बिन्नी को बीसीसीआई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि शाह नवंबर 2024 तक सचिव बने रहे। इसके बाद वह 36 वर्ष की उम्र में आईसीसी के सबसे युवा अध्यक्ष बने।
5 of 8
गांगुली और जय शाह
- फोटो : ANI
एक राजनीतिक परिवार के वारिस और एक प्रसिद्ध क्रिकेट स्टार के बीच आपसी रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर गांगुली ने कहा कि उनके बीच सौहार्दपूर्ण संबंध थे जो आज भी कायम हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध थे और आज भी हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। जब वह सितंबर 2019 में गुजरात क्रिकेट संघ से सीधे बीसीसीआई में आए तो वह काफी युवा थे। वह काफी सहयोगी और मिलनसार व्यक्ति हैं।'