खेलों के महाकुंभ कहे जाने वाले ओलंपिक गेम्स में क्रिकेट शामिल नहीं है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी क्रिकेट भी इस खेलों का हिस्सा था और रजत पदक जीता था फ्रांस ने। जबकि इस खेल का जन्मदाता कहे जाने वाले इंग्लैंड ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। खास बात यह है कि आज की तारीख में फ्रांस का अंतरराष्टीय क्रिकेट में कोई पहचान नहीं है। स्वर्ण और रजत के बाद कांस्य पदक आखिर किस टीम को मिला।
कभी क्रिकेट भी रहा है ओलंपिक का हिस्सा, तब फ्रांस ने जीता था रजत
रियो में ओलंपिक का 31वां संस्करण खेला जाएगा, और इस खेल के शुरू होने में अब चंद घंटे शेष रह गए हैं। 100 साल से भी ज्यादा आधुनिक ओलंपिक के इतिहास में एक बार फिर क्रिकेट को इस खेल का हिस्सा बनाने की मांग उठने लगी है। भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव समेत कई क्रिकेटर्स ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को फिर से शामिल करने की बात कर रहे हैं।
कभी क्रिकेट भी रहा है ओलंपिक का हिस्सा, तब फ्रांस ने जीता था रजत
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रियो ओलंपिक
- फोटो : rio2016.com
इटली ने कहा भी है कि अगर उसे 2024 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए उसे मेजबानी मिलती है तो वह क्रिकेट को ओलंपिक का हिस्सा बनाएंगे। लेकिन अभी यह दूर की कौड़ी लग रही है क्योंकि दुनिया में क्रिकेट को लेकर सबसे ज्यादा कमाई करने वाला भारत का क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई इसको लेकर उत्साहित नहीं दिख रहा।
कभी क्रिकेट भी रहा है ओलंपिक का हिस्सा, तब फ्रांस ने जीता था रजत
क्रिकेट ओलंपिक का हिस्सा बनता है या नहीं यह तो आगे पता चलेगा लेकिन हम आपको उस समय की बात बताने जा रहे हैं जब क्रिकेट ओलंपिक का हिस्सा था। साल 1896 में एथेंस में पहली बार ओलंपिक खेल हुए थे तो उस समय भी क्रिकेट को शामिल किए जाने की बात उठी, लेकिन भाग लेने वाले देशों ने क्रिकेट खेलने को लेकर अपना उत्साह नहीं दिखाया और पहले ओलंपिक में इस खेल को शामिल नहीं किया जा सका।
कभी क्रिकेट भी रहा है ओलंपिक का हिस्सा, तब फ्रांस ने जीता था रजत
ओलंपिक आयोजन समिति ने अगले ओलंपिक के लिए क्रिकेट को शामिल करने की कोशिश शुरू कर दी। 1900 में पेरिस में होने वाले ओलंपिक गेम्स के लिए कुछ यूरोपिय देशों ने अपनी सहमति दे दी। इंग्लैंड, फ्रांस, बेल्जियम और हॉलैंड इसके लिए तैयार हो गए, लेकिन जैसे-जैसे ओलंपिक करीब आता गया, बेल्जियम और हॉलैंड ने इसके लिए कोई उत्साह नहीं दिखाया और इस खेल के लिए अपनी टीम नहीं भेजी।