एजबेस्टन में खेला जा रहा पहला टेस्ट मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर खड़ा है। तीसरे दिन का खेल खत्म हो चुका है। अब टीम इंडिया जहां इतिहास रचने से महज 84 रन दूर है तो दूसरी ओर इंग्लैंड का अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण कोहली-कार्तिक की जोड़ी को तोड़ खेल अपने पक्ष में करना चाहेगा।
इसके पहले शुक्रवार यानी खेल के तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजों ने जमकर बवाल काटा। तेज गेंदबाज इशांत शर्मा (5/51) और रविचंद्रन अश्विन (3/59) की जोड़ी ने इंग्लैंड को दूसरी पारी में 180 रन पर समेट दिया। जिसके बाद भारत को पहले टेस्ट में जीत के लिए 194 रन का लक्ष्य मिला।
अगर भारत यह मैच जीतने में सफल रहता है तो निश्चित तौर पर इसका सारा श्रेय कप्तान कोहली को ही जाएगा, लेकिन शानदार बल्लेबाजी के आगे हम भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को नहीं भूला सकते। खासतौर पर अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने दोनों पारियों में मिलाकर 7 विकेट चटके, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
दूसरे दिन उन्होंने नई गेंद से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की शुरुआत की। साल 1967 के बाद वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय स्पिनर बन गए। भारतीय क्रिकेट में 51 साल पहले यह कारनामा इसी जगह पर बिशन सिंह बेदी ने किया था।
कोहली की कप्तानी में अश्विन के 200 विकेट
जब से विराट कोहली कप्तान बने हैं ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन उनके गेंदबाजी आक्रमण का प्रमुख हथियार बने हैं। अश्विन ने पहले टेस्ट के तीसरे दिन जो रूट को आउट किया जो कोहली की कप्तानी में उनका 34 मैचों में 200वां विकेट था। कोहली की कप्तानी में दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रविंद्र जडेजा हैं जिन्होंने 22 मैचों में 116 विकेट लिए हैं।