17 मार्च 2007 का वो दिन शायद ही कोई भुला सकता है, जब वेस्टइंडीज के पोर्ट ऑफ स्पेन में टीम इंडिया ने विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर झेला था। सितारों से सुसज्जित टीम इंडिया 2007 विश्व कप में संघर्ष कर रही थी।
टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ियों ने इस समय को गुरु ग्रेग चैपल के कारण भारतीय क्रिकेट का काला समय घोषित किया था। चैपल से विवाद के कारण टीम एकजुट नहीं थी, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा।
किसी को उम्मीद नहीं थी कि 2003 विश्व कप का उपविजेता एक ऐसी टीम से मात खा जाएगा जिसके जीतने की कभी उम्मीद ही नहीं की जा सकती हो। जी हां, 17 मार्च 2007 का वह दिन जब टीम इंडिया ने विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर झेला। टीम इंडिया को बांग्लादेश जैसी कमजोर टीम के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.3 ओवर में 191 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। जवाब में बांग्लादेश ने तमीम इकबाल (51), मुश्फिकुर रहीम (56*) और शाकीब अल हसन (53) की शानदार अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 9 गेंद शेष रहते 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया।
इस जीत के साथ बांग्लादेश ने बड़ा उलटफेर करते हुए भारत को इस टूर्नामेंट के पहले ही दौर से बाहर कर दिया। भारत की तरफ से सौरव गांगुली (66) और युवराज सिंह (47) रन बनाए थे। हालांकि, 2007 विश्व कप की खिताब पर तीन बार (1987, 1999, 2003) की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने कब्जा जमाया। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर चौथी बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।