टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में से एक युवराज सिंह ने आज अंतारराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। युवराज ने कई ऐसी खूबसूरत पारियां खेलकर भारत को जीत दिलाई हैं। इनमें से सबसे यादगार 2003 की नेटवेस्ट ट्रॉफी का फाइनल है, जिसमें युवी ने मैदान पर जमकर एक बेहतरीन पारी खेली थी, ऐसी तमाम पारियां हैं, स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में ताबड़तोड़ छह छक्का लगाने की पारी या 2007 के टी20 में विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार पचासा हो या फिर 2011 के वर्ल्ड कप के क्वाटरफाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ जुझारु पारी।
युवी ने अपने बल्ले और गेंद से भारत को ना जाने कितने ऐसे मौके दिए जब भारत के क्रिकेट प्रेमियों ने जोर से इंडिया-इंडिया और युवी-युवी का शोर मचाया और युवारज को "द सिक्सर किंग" के तमगे से नवाज दिया । आइए देखते हैं युवराज की कुछ यादगार पारियां,जिसपर भारतीय तिरंगा खूब लहराया है।
12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में जन्में इस खिलाड़ी ने 19 सितंबर 2007 को पहले वर्ल्ड टी-20 में वह कमाल कर दिखाया, जिसकी दुनिया आज तक दीवानी है। इंग्लैंड के खिलाफ जारी मैच में फ्लिंटॉफ का गुस्सा युवा स्टुअर्ट ब्रॉड पर निकालते हुए यह स्टाइलिश बल्लेबाज टी-20 में लगातार 6 छक्के लगाने वाले दुनिया का पहला बल्लेबाज बन बैठा था।
हालांकि क्रिकेट में लगातार 6 छक्के लगाने वाले युवराज सिंह पहले बल्लेबाज नहीं हैं। उनसे पहले गैरी सोबर्स और रवि शास्त्री ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार 6 छक्के जड़े थे। जबकि दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स ने हालैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में यह रिकॉर्ड बनाया था।
बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह जब स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में ताबड़तोड़ छक्का जमा रहे थे तो मैदान के बाद यह चीयरलीडर्स भी अपने डांस से दर्शकों का मनोरंजन कर रही थी। आइए, याद करते हैं, ब्रॉड के खिलाफ खेली गई युवी की वह धमाकेदार पारी।
फ्लिंटॉफ और स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर बचे थे। ये दोनों टी-20 मैचों के आखिरी ओवर फेंकने में उस्ताद माने ही जाते हैं। फ्लिंटॉफ गेंद पकड़ते हैं। पहली तीन गेंदों में मात्र तीन रन आए। फ्लिंटॉफ लंगड़ा कर चल रहे थे। आखिरी की गेंदों पर युवी ने धावा बोला और ओवर में देखते ही देखते कुल 12 रन आ गए। अब बारह गेंदें बची हुई थीं।