भारतीय टीम में इन दिनों उठापटक का दौर जारी है। एक ओर बीसीसीआई टीम के लिए नया कोच तलाश रही है। दूसरी ओर विश्व कप से बाहर होने के बाद धोनी के संन्यास की खबरों पर विराम लगने के बाद, जो मामला सबसे ज्यादा सुर्खियों में छाया है, वो है कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच कथित विवाद।
आखिरकार सोमवार शाम मुंबई में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए विराट ने रोहित शर्मा से लेकर अनबन की खबरों पर अपनी चुप्पी तोड़ी। वेस्टइंडीज दौरे के लिए रवाना होने से पहले विराट ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैंने भी इस तरह की अफवाहें सुनी है। यदि ड्रेसिंग रूम का माहौल सही नहीं होता तो हम पिछले कुछ सालों से लगातार इतना अच्छा नहीं खेल रहे होते। हम ड्रेसिंग रूम के हमारे मेलजोल के बिना यहां नहीं होते।'
वैसे टीम इंडिया के खिलाड़ियों के बीच विवाद का मामला कोई नया नहीं। आइए जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम में किन खिलाड़ियों के बीच तकरार थे, जो खुलकर सभी के सामने आ गए थे...
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स्पोर्ट्स, लाला अमरनाथ
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1936 में इंग्लैंड दौरे के लिए विजयनगर के महाराजा को कप्तान बनाया गया। कहा जाता है कि विजी अपने रुतबे और लॉबिंग के जरिए कप्तान बने थे, लेकिन सीनियर खिलाड़ी लाला अमरनाथ उन्हें पसंद नहीं करते थे। एक मैच के दौरान विजी ने अमरनाथ को बल्लेबाजी के लिए तैयार रहने के लिए कहा, लेकिन भेजा नहीं। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा की विजी ने लाला अमरनाथ को भारत वापस भेज दिया।
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sunil gavaskar and kapil dev
1983 में जब कपिल देव को टीम का कप्तान चुना गया, तभी से उनके और सुनील गावस्कर के बीच मनमुटाव बढ़ गया। इसी साल मद्रास में खेले गए टेस्ट में जब गावस्कर 236 रन पर खेल रहे थे, तब कपिल ने पारी घोषित कर दी थी। गावस्कर इससे और ज्यादा नाराज हो गए। मामला इतना गंभीर हो गया कि बोर्ड ने बैठक बुलाकर मामला सुलझाया।
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sachin tendulkar azharuddin
- फोटो : social Media
1999 विश्व कप में खराब प्रदर्शन के बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन को कप्तानी से हटा दिया गया और सचिन तेंदुलकर को टीम की कमान थमा दी गई। सचिन ने अजहर को टीम जगह नहीं दी, हालांकि अजहर ने साल 2000 में फिर से वापसी की। कहा जाता है कि सचिन के अजहर के साथ मैच फिक्सिंग मामलों को लेकर मतभेद थे।
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sachin sehwag gambhir dhoni
2012 में एमएस धोनी के नेतृत्व में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे गई, इस दौरान सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का विवाद धोनी के साथ बढ़ा। धोनी त्रिकोणीय सीरीज में गंभीर, सचिन और सहवाग को टीम में नहीं चाहते थे. क्योंकि उन्हें लगता था कि ये तीनों फील्डिंग में सुस्त हैं। फिर भी ये खेले, सीरीज के पहले मैच में वीरू ने कमाल का कैच लपका और मीडिया से किसी सवाल के जवाब में कहा था कि क्या आपने मेरा कैच देखा। बाद में वीरू टीम से बाहर ही हो गए और उन्हें फेयरवेल मैच तक खेलने को नहीं मिला।