बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में अब तक खेले गए दो टेस्ट मैचों में गेंदबाजों का बोलबाला रहा है। हालांकि अपने अनुभवी गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में जिस तरह से भारतीय गेंदबाजों ने प्रदर्शन किया है, उसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन ने भी इसे स्वीकार किया कि भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें अपनी जाल में फंसाया।
भारतीय गेंदबाजों और उनकी रणनीति का मुरीद हुआ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज, अश्विन को बताया चतुर
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लाबुशेन ने कहा कि उनके बल्लेबाज रविचंद्रन अश्विन की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों के जाल में फंस गए हालांकि उन्होंने खराब फॉर्म में चल रहे स्टीव स्मिथ का बचाव किया। बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई टीम चार में से तीन पारियों में 191, 195 और 200 रन पर आउट हो गई। अश्विन ने अभी तक दस विकेट लिए हैं जिनमें से स्मिथ को दो और लाबुशेन को एक बार आउट किया।
लाबुशेन ने एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘मैने इससे पहले कभी अश्विन का सामना नहीं किया। इसके कोई आंकड़े नहीं मिल सकते कि महान गेंदबाज होने के अलावा वह इतना चतुर गेंदबाज भी है। वह वाकई तैयारी के साथ आया है। हम उनके जाल में कई बार फंस गए। भारतीयों ने शानदार गेंदबाजी की, चाहे स्पिन हो या तेज गेंदबाजी।’
उन्होंने स्मिथ का बचाव करते हुए कहा, ‘आप चाहे कुछ भी कहें लेकिन कुछ समय पहले ही उसने वनडे क्रिकेट में बड़ा शतक लगाया था।’ उनके खराब फॉर्म के बारे में पूछने पर लाबुशेन ने कहा, ‘उसने सीमित ओवरों में इधर ज्यादा क्रिकेट खेली है और लाल गेंद से ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिला। यह क्रिकेट और कोरोना काल की सच्चाई है।’
लाबुशेन ने कहा, ‘उसका टेस्ट क्रिकेट में 60 से अधिक का औसत है। वह अपने करियर की शुरूआत से लेकर अभी तक लगातार अच्छा खेलता आया है। उसे तेजी से रन बनाना पसंद है।’
उन्होंने कहा कि भारतीयों ने लेग साइड में फील्ड लगाकर रन बनाने के मौके कम कर दिए। उन्होंने कहा, ‘भारतीय टीम पूरी रणनीति लेकर उतरी थी और उस पर बखूबी अमल किया। लेग साइड पर रन बनाना मुश्किल हो रहा था। इसके अलावा उनकी कैचिंग भी अच्छी रही। हमें भी उन पर दबाव बनाने के तरीके तलाशने होंगे।’