क्रिकेट के मैदान पर हुई दुर्घटनाओं में कई बार खिलाड़ियों की जान गई है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी फिल ह्यूज से लेकर भारतीय खिलाड़ी रमन लांबा की मैदान पर मृत्यु इस बात का सबूत है। हालांकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्रिकेट में अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
क्रिकेट का मैदान खिलाड़ियों के लिए बना 'मौत का घर', दिग्गजों ने की 'सुरक्षा कवच' की मांग
हाल ही में बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को ईडन गार्डंस में एक टी-20 अभ्यास मैच के दौरान माथे पर गेंद लगी थी। यह घटना उस समय हुई जब बल्लेबाज बीरेंद्र विवेक सिंह ने स्ट्रेट ड्राइव लगाया और गेंदबाजी कर रहे डिंडा ने कैच लपकने की कोशिश की तो गेंद उनके हाथ से छूटकर माथे पर जा लगी।
माथे पर गेंद लगते ही डिंडा मैदान पर गिर गए। हालांकि इस दुघर्टना से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। लेकिन अब गेंदबाज इस तरह के हादसों से बचने के लिए सुरक्षा कवच की मांग कर रहे हैं।
Been saying it since 2011, these kind of incidences never used to happen in the pre T 20 Era. Something has surely changed , wonder what it is🤔 https://t.co/5xasN4IAbZ
टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज रविचंद्र अश्विन और जयदेव उनाडकट ने इससे संबंधित ट्वीट किया है। इनका कहना है कि गेंदबाजी के दौरान एक गेंदबाज की सुरक्षा के लिए 'फेस मास्क' उपलब्ध होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
About time that a “face-mask” for bowlers makes its way into all that has evolved in cricket. Its scary how this kind of incidents have become frequent in our game! Hope you good Dinda @dindaashoke .. What do you say Ash bhai? @ashwinravi99 https://t.co/J76hqBgXpJ
बता दें कि क्रिकेट में अब वो दौर नहीं रहा जब सुनील गावस्कर जैसा बल्लेबाज वेस्टइंडीज के धाकड़ गेंदबाजों के सामने बिना हेलमेट बल्लेबाजी करता था। फिर बल्लेबाजों की सेफ्टी के लिए कई सारे उपकरण मौजूद हैं। समय के साथ खेल तो बदला लेकिन गेंदबाज नहीं। मैदान पर वो कल भी निहत्था था और आज भी।
Pacer @dindaashoke gets hit on forehead by a ball during #Bengal teams practice session at Eden Gardens. Pacer was rushed to hospital but doctors say nothing to worry. pic.twitter.com/4iCu5EB4Nj
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