भारतीय क्रिकेट के सालाना त्योहार आईपीएल का मंच तैयार है। पर्दा बस उठने वाला है। आज रात गत चैंपियन मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच शुरू होने वाले नए सत्र के साथ चौकों-छक्कों की बारिश क्रिकेटप्रेमियों को सराबोर करने के लिए तैयार है। बेशक ये मुकाबले फिलहाल बंद दरवाजों में होंगे, लेकिन टीवी पर करोड़ों दर्शकों के लिए मनोरंजन के कपाट खुले रहेंगे। कोरोना की चुनौतियों के बीच जैव सुरक्षा चक्र में होने वाली टी-20 लीग में जहां पुराने धुरंधर अपना दबदबा फिर से कायम करने उतरेंगे तो हर बार की तो कोई न कोई नया सितारा चमक बिखेरने के लिए अपनी बारी के इंतजार में होगा।
किसमें कितना दम: ताकत-कमजोरी के साथ IPL की आठ टीम का पूरा विश्लेषण
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मुंबई सबसे मजबूत टीम
पांच खिताब के साथ आईपीएल इतिहास के सबसे सफल कप्तान रोहित छठी ट्रॉफी के साथ लीग में पहली खिताबी हैट्रिक बनाना चाहेंगे। रोहित अगर बल्लेबाजी में विफल रहते हैं तो क्विंटन डीकॉक सफलता हासिल करने को तैयार होंगे। अगर ये दोनों ही विफल रहेंगे तो फिर ईशान किशन और सूर्य कुमार यादव जैसे बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी होगी। मुंबई का शीर्ष क्रम अगर पूरी तरह नाकाम रहता है तो फिर पांड्या ब्रदर्स (हार्दिक और क्रुणाल) विरोधी को पस्त करने उतरेंगे। साथ ही टीम के पास पोलार्ड जैसा तूफानी बल्लेबाज है जो मैदान पर अपने दमदार क्षेत्ररक्षण के कारण भी टीम के लिए काफी अहम है। गेंदबाजी का दारोमदार ट्रेंट बोल्ट और राहुल चाहर जैसे गेंदबाजों पर होगा। मुंबई इंडियंस की टीम अपने खराब दिन ही हार सकती है और अपने अच्छे दिन वे किसी भी विरोधी टीम के लिए बुरे सपने की तरह हैं।
कोहली-एबी को मैक्सवेल का साथ
भारतीय टीम के कप्तान रनमशीन विराट कोहली पहली बार आईपीएल खिताब जीतने उतरेंगे। उनके नेतृत्व में आरसीबी का संयोजन मुंबई जितना प्रभावी नहीं दिखता। टीम ने ग्लेन मैक्सवेल पर भारी भरकम राशि खर्च की है। देवदत्त पडीक्कल अपना दूसरा सत्र खेलने उतरेंगे और इस बार टीमों ने उनके लिए रणनीति बनाई होगी। दक्षिण अफ्रीका के एबी डीविलियर्स अगर लय में हो तो उनके सामने कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं है। धुरंधर बल्लेबाज होने के बावजूद बेंगलोर की गेंदबाजी में उतनी दमदार नहीं दिखती। न्यूजीलैंड के काइल जैमीसन रातों-रात करोड़पति बन गए जबकि भारतीय विकेटों पर उनकी गेंदबाजी की परख अब तक नहीं हुई है। स्पिनर युजवेंद्र चहल लय खोते हुए दिख रहे हैं। मोहम्मद सिराज और नवदीप सैनी सीमित ओवरों के क्रिकेट में अब तक बहुत प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
सीएसके में रैना की वापसी
इस सब के बीच धोनी की नजरें वानखेड़े स्टेडियम की सपाट पिच पर टिकी होंगी क्योंकि चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) को चेपक की धीमी पिच की जगह वहां खेलना है। अनुभवी सुरेश रैना की वापसी से अधिकांश मैचों में इमरान ताहिर के खेलने का रास्ता साफ होगा जबकि मोईन अली और सैम करन के ऑलराउंडर के रूप में किसी भी क्रम में खेलने की संभावना से टीम पिछले सत्र की तुलना में बेहतर नजर आ रही है।
कप्तानी में छाप छोड़ने को बेताब पंत
दूसरी तरफ धोनी के 'शागिर्द' ऋषभ पंत पहली बार दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए छाप छोड़ने को बेताब होंगे। वह अपने सीनियर और बेहद अनुभवी धोनी से प्रेरणा लेने की कोशिश करेंगे। पिछले साल गाबा में दमदार पारी खेलने के बाद से पंत काफी अच्छी फॉर्म में हैं। टीम के पास पृथ्वी शॉ, मार्कस स्टोइनिस, शिमरोन हेतमायर के अलावा अनुभवी स्टीव स्मिथ और अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज हैं। गेंदबाजों में दारोमदार कैगिसो रबादा, एनरिच नोर्त्जे, रविचंद्रन अश्विन, अमित मिश्रा और अक्षर पटेल पर रहेगा जिससे पिछले साल की उपविजेता टीम इस बार एक कदम आगे जाने की कोशिश करेगी।