पूर्व भारतीय कप्तान अजित वाडेकर का बुधवार को मुंबई में निधन हो गया। 77 वर्षीय वाडेकर ने कई भूमिकाएं निभाते हुए भारतीय क्रिकेट की सेवा की। वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्यायों से जूझ रहे थे। टीम इंडिया ने वाडेकर के नेतृत्व में 1971 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में पहली बार टेस्ट सीरीज जीती। वाडेकर के घर में उनकी पत्नी रेखा, एक बेटा और बेटी रहती है। बेटा और बेटी दोनों ही विदेश में रहते हैं।
अजित वाडेकर ने तेंदुलकर को बनाया महान बल्लेबाज, अपनी कोचिंग में कुछ यूं संवारा था
बाएं हाथ के बल्लेबाज वाडेकर ने 1966 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू किया और 37 टेस्ट में एक शतक व 14 अर्धशतकों की मदद से 2,113 रन बनाए। महान क्रिकेटर ने 1974 में संन्यास की घोषणा की। रोचक बात यह है कि चयनकर्ता समिति के चेयरमैन और पूर्व कप्तान विजय मर्चेंट के वोट ने टाइगर पटौदी के हाथों से कप्तानी छीनी और जनवरी 1971 में वाडेकर को यह जिम्मेदारी सौंपी। खेल से कुछ समय दूर रहने के बाद वाडेकर को भारतीय टीम का कोच नियुक्त किया गया, जिनके मार्गदर्शन में भारत ने 1992 में दक्षिण अफ्रीका का ऐतिहासिक दौरा किया।
वाडेकर ने तत्कालीन कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के साथ विजयी साझेदारी बनाई, विशेषकर घर में। इसके बाद सचिन तेंदुलकर का करियर संवारने में भी वाडेकर ने अहम भूमिका निभाई। 1994 में न्यूजीलैंड के दौरे पर वाडेकर ने ही सचिन तेंदुलकर को ओपनिंग पर भेजने का फैसला लिया था, जिसके बाद मास्टर ब्लास्टर का करियर पूरी तरह बदल गया। तेंदुलकर ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे चलकर बल्लेबाजी के कई रिकॉर्ड्स तोड़े। वह क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की श्रेणी में शामिल हुए।
तेंदुलकर को भी अजित वाडेकर के जाने का गहरा दुख लगा। उन्होंने ट्विटर पर वाडेकर को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'अजित वाडेकर सर के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुखी हूं। वह ऐसे शख्स थे, जो 90 के दशक में हमारा सर्वश्रेष्ठ निकलवाना जानते थे। हम हमेशा उनकी सलाह और मार्गदर्शन के आभारी रहेंगे। इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार को शक्ति मिलने की प्रार्थना करता हूं। आपकी आत्मा को शांति मिले।'
Deeply saddened to hear about the demise of Ajit Wadekar Sir. He was someone who was instrumental in bringing out the best in us during the 90s. We’ll always be grateful for his advice and guidance. Praying for strength for his family during this difficult time. 🙏 RIP pic.twitter.com/coSyac73ot
वहीं मोहम्मद अजहरुद्दीन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि वाडेकर के निधन से उनका निजी नुकसान भी हुआ है। अजहरुद्दीन ने कहा, 'वाडेकर बेहतरीन खिलाड़ी और कप्तान थे। वह महान व्यक्तियों में से एक थे।' इसके बाद ट्विटर पर अजहर ने लिखा, 'एक आइकोनिक व्यक्ति। उनकी मृत्यु से बहुत दुख हुआ!! सर मेरे लिए पिता के समान थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। परिवार को मेरी गहरी संवेदनाएं।'
#AjitWadekar sir .. such an iconic person..deeply saddened by his demise!! Sir was a father figure for me.. May his soul rest in peace! My Heartfelt Condolences to the family..@BCCI pic.twitter.com/xLMb2i82B2