क्रिकेट इतिहास में हर रोज कुछ रिकॉर्ड बनते हैं और टूटते हैं, लेकिन आज भी कुछ ऐसे रिकार्ड्स हैं जिन्हें ना आज तक तोड़ा जा सका है और ना ही शायद कोई तोड़ पाए। आईए नजर डालते हैं कुछ ऐसे ही रिकार्ड्स पर जो क्रिकेट इतिहास के बेहतरीन खिलाड़ियों द्वारा बनाया गया।
क्रिकेट इतिहास के 7 ऐसे रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है!
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सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट मैच और एकदिवसीय मैचों को मिलाकर कुल 663 अंतराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने टेस्ट में 51 और एकदिवसीय मैचों में 49 शतक बनाये। इसके अलावा सचिन के 34347 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ना भी मुश्किल है। ये ऐसे रिकॉर्ड हैं जिसके आस-पास भी कोई खिलाड़ी फिलहाल नहीं ठहरता है और शायद आने वाले समय में भी कोई तोड़ नहीं पाए।
ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन ने कुल 52 टेस्ट मैच खेले जिसमें उन्होंने 99.94 की औसत से 6996 रन बनाये। इस दौरान उन्होंने 29 शतक और 13 अर्धशतक भी जड़े। ब्रैडमैन के इस औसत को कोई भी बल्लेबाज आजतक तोड़ नहीं पाया है। मौजूदा समय में बात करें तो इस वक्त टेस्ट में सबसे ज्यादा औसत ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी स्टीव स्मिथ (61.38) और भारत के बल्लेबाज विराट कोहली (53.76) का है जो ब्रेडमैन के नजदीक भी नही हैं।
इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाज जिम लेकर ने 1956 में ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में दोनों पारियों में मिलाकर 90 रन खर्चते हुए कुल 19 विकेट लिए थे। इस मैच के पहली पारी में जहां उन्होंने 9 विकेट लिए थे वहीं दूसरी पारी में 10 विकेट। ये एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे पिछले 50 सालों में आजतक कोई भी गेंदबाज तोड़ नहीं पाया है।
साल 2001 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए एकदिवसीय मुकाबले में श्रीलंका के पूर्व तेज़ गेंदबाज चमिंडा वास ने मात्र 19 रन देकर 8 विकेट लिए थे और इसी दौरान उन्होंने हैट्रिक भी लिया था। तब से आजतक कोई भी गेंदबाज एक मैच में 8 विकेट नहीं ले पाया है। चमिंडा वास के नाम 322 एकदिवसीय मैचों में 400 विकेट हैं।